झांसी। ग्रीन यूपी-क्लीन यूपी अभियान के तहत 11 जुलाई होने वाले रिकार्ड पौधरोपण में घालमेल न हो, इसके पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। प्रत्येक पौध गवाह की मौजूदगी में रोपी जाएगी। इसके बाद रोपे गए पौधों पर ऑडिटर नजर रखेंगे। यह जिम्मेदारी शिक्षा विभाग के कर्मचारी - शिक्षक व पोस्ट ग्रेजुएट युवाओं को सौंपी गई है।
यूपी का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज कराने को 11 जुलाई को चौबीस घंटे में पांच करोड़ पौधे रोपे जाएंगे। इनमें झांसी जनपद में 114 स्थानों पर 12.99 लाख पौधों का रोपण होगा। इस काम में पंद्रह हजार से अधिक मजदूरों को लगाया जाएगा। यह अभियान कागजी बनकर न रह जाए, इसके लिए शासन स्तर से पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। इसके लिए जिले में 342 गवाह बनाए गए हैं।
पौधरोपण के समय प्रत्येक साइट पर तीन गवाह मौजूद रहेंगे। पौधरोपण गवाहों की निगरानी में होगा। इसके अलावा प्रत्येक साइट के लिए तीन - तीन ऑडिटर भी बनाए गए हैं। ऑडिटर पौध रोपण के बाद उसके विकास पर नगर रखेंगे व इसकी रिपोर्ट वन विभाग को देंगे। गवाह व ऑडिटर शिक्षक व पोस्ट ग्रेजुएट युवा बनाए गए हैं। इसके लिए इन्हें अलग से कोई मानदेय नहीं दिया जाएगा, बल्कि स्वेच्छा से प्रकृति संरक्षण के इस महापर्व का हिस्सा बनना होगा।
12 फीट की रोपी जाएंगी पौध
अभियान के तहत चार से बारह फीट ऊंचाई की पौध रोपी जाएंगी। वन विभाग के पास इतनी ऊंचाई की पर्याप्त पौध उपलब्ध हैं। विभाग के पास जिले में 22 लाख पौध हैं। इनमें से विभिन्न प्रजाति की 13.64 लाख पौधों की ऊंचाई चार से बारह फीट के बीच है।
रिपोर्टिंग का मॉक ड्रिल
पौधारोपण अभियान की प्रत्येक दो घंटे में लखनऊ रिपोर्टिंग की जाएगी। इसमें हर दो घंटे में रोपित हुईं पौधों की संख्या बताई जाएगी। इसका शनिवार को मॉकड्रिल हुुआ। वन विभाग के कार्यालय से हर दो-दो घंटे बार लखनऊ रिपोर्टिंग की गई। इसमें पौधों की कृत्रिम संख्या बताई गई।
‘पौधरोपण अभियान को शत प्रतिशत सफल बनाना है। इसके लिए जिले में 684 गवाह और ऑडिटर बना दिए गए हैं। यह पौधरोपण मुहिम की निगरानी करेंगे।’
- एस एस पांडेय, प्रभागीय वनाधिकारी