बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के गांधी सभागार में ललित कला संस्थान और राज्य ललित कला अकादमी, लखनऊ की ओर से ‘कला के रंग, कुंभ के संग’ विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता हुई। इसमें बुंदेलखंड क्षेत्र से 32 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिसमें सात दिव्यांग कलाकार शामिल रहे।
प्रतियोगिता में कलाकारों को कलाकृति बनाने के लिए छह घंटे का समय दिया गया। कैनवास पर ब्रश के जरिए कलाकारों ने कुंभ को रंगों से रंगीन बना दिया। साथ ही सांस्कृतिक व प्राचीन धरोहर को उकेरा। चित्रकारों ने कुंभ को आस्था से जोड़ते हुए समुद्र मंथन, देवता व राक्षस युद्ध, घाट पर संतों का स्नान, घाट के आसपास प्राचीन मंदिर जैसी कलाकृतियां बनाईं।
निर्णायक मंडली में शामिल दिनेश प्रताप सिंह तथा विकास वैभव ने बेहतरीन चित्र बनाने वाले कलाकारों का चयन कर उनकी घोषणा की। चयनित कलाकारों में दीपक, बसंत कुमार, दिनेश, अजय सिंह, देव नामदेव, नंदिनी कुशवाहा, प्रीतम कुमार, अंकिता जैन, शिवम राजपूत, आशीष कुमार व रूबी भारती के चित्रों का चयन हुआ। इस अवसर पर इंजी. राहुल शुक्ला, डॉ. शुभांगी निगम, डॉ. मुन्ना तिवारी, डॉ. श्वेता पांडेय, डॉ. अजय कुमार गुप्ता, डॉ. दिलीप कुमार मौजूद रहे।
गौरतलब है कि प्रयागराज में होने वाले कुंभ मेला-2019 के अवसर पर राज्य ललित कला अकादमी, लखनऊ की ओर से आयोजित प्रदेश की चित्रकला के प्रदर्शन के लिए प्रदर्शनी का आयोजन किया जाना है। इसके लिए उत्तर प्रदेश को 11 मंडलों में बांटा गया था। बुंदेलखंड मंडल में झांसी व चित्रकूट को शामिल किया गया है।