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Jhansi News: पूरे बुंदेलखंड को 'सांसें' देगा झांसी, जल्द लगेगा ऑक्सीजन प्लांट

Tue, 15 Sep 2020 05:44 PM IST
झांसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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ऑक्सीजन के मामले में जल्द ही बुंदेलखंड आत्मनिर्भर बनेगा। झांसी के गोरामछिया में ऑक्सीजन उत्पादन के लिए प्लांट लगेगा। यहां से एक हजार सिलिंडरों के बराबर गैस की प्रतिदिन आपूर्ति होगी। इसके बाद बुंदेलखंड को 50 फीसदी ऑक्सीजन की आपूर्ति यहीं से हो सकेगी। प्लांट शुरू करने के लिए दस दिनों के अंदर लाइसेंस जारी होने की संभावना है।

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झांसी में अधिकतर मध्य प्रदेश से ऑक्सीजन की आपूर्ति होती है। कोरोना वायरस के दौर में मध्य प्रदेश में भी केस बढ़ने की वजह से वहां खपत बढ़ गई है। इस कारण झांसी में मांग के अनुसार आपूर्ति नहीं हो पा रही है। चूंकि, मेडिकल कॉलेज में कोविड में गंभीर मरीज भर्ती हो रहे हैं। ऐसे में सरकारी अस्पतालों को ज्यादातर ऑक्सीजन की सप्लाई हो रही है। निजी अस्पताल समेत एंबुलेंसों को बमुश्किल ऑक्सीजन मिल पा रही है।

अमर उजाला लगातार इस समस्या को उठा रहा है। इसके बाद औषधि प्रशासन विभाग ने ऑक्सीजन सप्लायरों से बात करनी शुरू की। विभाग ने प्लांट की स्थापना के लिए संभावना तलाशी। इसके बाद एक सप्लायर गोरामछिया में प्लांट शुरू करने के लिए तैयार हो गया है। उसने प्लांट के लाइसेंस के लिए आवेदन कर दिया है। दस दिनों में लाइसेंस जारी होने की संभावना है।
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बताया गया कि इस प्लांट से 1000 गैस सिलिंडरों के बराबर ऑक्सीजन की आपूर्ति हो सकती है। इस प्लांट से झांसी की ऑक्सीजन को लेकर बुंदेलखंड पर निर्भरता बेहद कम हो जाएगी। साथ ही, पूरे बुंदेलखंड को ऑक्सीजन की झांसी से ही सप्लाई की जा सकेगी।

अभी उत्तर प्रदेश में पांच ऑक्सीजन प्लांट
बताया गया कि उत्तर प्रदेश पांच ऑक्सीजन प्लांट लगे हुए हैं। इसमें कानपुर, लखनऊ, गाजियाबाद, नोएडा आदि शामिल हैं। अब झांसी में शुरू होने के बाद यूपी में ऑक्सीजन उत्पादन करने वाले प्लांट की संख्या छह हो जाएगी।

बुंदेलखंड में रोज दो हजार सिलिंडरों की खपत
बुंदेलखंड में रोजाना औसतन दो हजार गैस सिलिंडरों की खपत है। इसमें सबसे ज्यादा झांसी में ही ऑक्सीजन की जरूरत पड़ती है। बताया गया कि झांसी में प्रतिदिन एक हजार गैस सिलिंडरों की खपत होती है।

नेचुरल ऑक्सीजन प्लांट में ऐसे बनती है गैस
प्लांट में वातावरण से गैसों को खींचने की क्षमता होती है, जिससे ऑक्सीजन व नाइट्रोजन को खींचा जाता है। इसके बाद नाइट्रोजन को अलग किया जाता है। ऑक्सीजन को फिल्टर करने के बाद कंप्रेस्ड फॉर्म में एक टैंक में रखा जाता है। यहां से सिलिंडरों आदि के जरिए अस्पताल में ऑक्सीजन सप्लाई की जाती है।

झांसी के गोरामछिया में पहला ऑक्सीजन उत्पादन प्लांट शुरू करने के लिए लाइसेंस का आवेदन किया गया है। वहां पर स्ट्रक्चर खड़ा हुुआ है। साथ ही, मशीनें भी उपलब्ध हैं। निरीक्षण कर लाइसेंस जारी करने की कार्रवाई की जाएगी। यह प्लांट रोज एक हजार सिलिंडर के बराबर ऑक्सीजन गैस उत्पादन करने की क्षमता रखता है।
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- उमेश भारती, औषधि निरीक्षक।

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