झांसी। सड़कों की सेहत पर ओवरलोड वाहन भारी पड़ रहे हैं। इसका अंदाजा झांसी - कानपुर फोरलेन हाईवे को देखकर लगाया जा सकता है। यहां एक ओर की सड़क पर जगह-जगह कटान हो गई है, जिनसे गुजरने पर छोटे वाहनों के फिसलने का खतरा बना रहता है। बावजूद, ओवरलोडिंग पर नकेल कसने के प्रभावी उपाय नहीं किए जा रहे हैं।
झांसी - कानपुर फोरलेन हाईवे पर भारी वाहनोें का आवागमन लगातार जारी रहता है। ओवरलोड वाहन भी खूब गुजरते हैं। एनएचएआई के अनुसार हर माह लगभग आठ सौ ओवरलोड वाहन यहां से गुजरते हैं। इनमें से ज्यादातर वाहन झांसी से कानपुर की ओर जाते हैं। गिट्टी, बालू से लदे इन वाहनों में निर्धारित से कहीं अधिक क्षमता में माल लदा होता है। वाहन तो गुजर जाते हैं, लेकिन ये अपने पीछे सड़क पर गहरे जख्म छोड़ जाते हैं। वाहनों की ओवरलोडिंग की वजह से कानपुर मार्ग पर जगह-जगह सड़क की ऊपरी सतह धंसी हुई नजर आती है। यहां से गुजरने वाले छोटे वाहनों पर ये स्थिति भारी पड़ती है। खासतौर पर दुपहिया गाड़ियों को फिसलने का खतरा बना रहता है।
टोल प्लाजा पर पकड़ी जाएगी ओवरलोडिंग
झांसी। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के परियोजना प्रबंधक राजीव पाठक ने बताया कि वाहनों की ओवरलोडिंग की वजह से सड़कों का खासा नुकसान हो रहा है। वर्तमान में टोल प्लाजा पर ओवरलोडिंग की जांच का कोई इंतजाम नहीं है। निर्धारित टोल टैक्स अदा कर वाहन आगे बढ़ जाते हैं। लेकिन, एनएचएआई एक नई व्यवस्था बनाने पर काम कर रहा है, जिससे टोल प्लाजा पर वाहन की ओवरलोडिंग भी जांची जा सकती है। वाहन पर लोड के अनुसार ही टोल वसूला जाएगा।
ओवरलोडिंग वाहनों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। प्रवर्तन टीमें सक्रिय हैं। आने वाले दिनों में कार्रवाई में और तेजी लाई जाएगी।
- सत्येंद्र कुमार, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी