सरप्लस शिक्षक उन जनपदों में भेजे जाए सकते हैं, जहां शिक्षकोें की कमी चल रही है। बेसिक शिक्षा विभाग की स्थानांतरण-समायोजन प्रक्रिया के तहत इस पर विचार किया जा रहा है। हालांकि, विभागीय अधिकारी अभी तक कोई शासनादेश न आने की बात कह रहे हैं। वहीं झांसी में 1175 शिक्षक सरप्लस चिह्नित हुए हैं, जबकि ललितपुर व जालौन में सरप्लस चिह्नित करने का कार्य अंतिम चरण में है।
विभागीय जानकारी के अनुसार प्रदेश में एक दर्जन से ज्यादा जिले ऐसे हैं, जहां के परिषदीय स्कूलों में शिक्षकों की बेहद कमी है। इनमें सीतापुर, गाजीपुर, बांदा, सुल्तानपुर, महाराज गंज, रामपुर, सोनभद्र, बहराइच, लखीमपुर, गोंडा, जौनपुर, बंदायू बलरामपुर, हरदोई, कुशीनगर आदि जिले हैं। इन जिलों में शिक्षण कार्य प्रभावित चल रहा है। ऐेसे में शासन इन जिलों के स्कूलों में सरप्लस शिक्षकों की तैनाती कर सकता है। हालांकि, इस बारे में विभाग के अधिकारियों ने कोई भी शासनादेश न आने की बात कही है। एडी बेसिक नजरुद्दीन अंसारी ने बताया कि शासन से अभी तक इस पर कोई दिशानिर्देश नहीं आया है।