नमस्ते ओरछा में प्रस्तुति देते कलाकार।
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ओरछा। मां बेतवा की आरती और शुभा मुद्गल के शास्त्रीय गीतों से गूंजा कंचना घाट नमस्ते ओरछा महोत्सव के दूसरे दिन की शाम आध्यात्म के नाम रही। जहां एक ओरमां बेतवा की महाआरती की गई। वहीं दूसरी ओर पद्मश्री शुभा मुद्गल ने शास्त्रीय गायन कर समां बांधा। इस दौरान श्रोताओं ने जमकर तालियां बजाईं। शुभा मुद्गल ने इस दौरान तीन गीतों की प्रस्तुतियां दीं। इसमें उन्होंने अपने गुरु की बंदिश से शुरुआत करते हुए जब हरि धनुष धरे से गीतों की शुरुआत की। इसके बाद भारतेंदू हरिश्चंद्र का लाव नईया चतुर केवटवा की प्रस्तुति दी। अंत में उन्होंने होली का माहौल देखते हुए कन्हैया घर चलो मेरी गुईंया आज खेले होरी। सुनाकर सभी को
मंत्रमुग्ध कर दिया। दूसरी प्रस्तुति क्लासिकल डांसर अदिति मंगलदास ने अपने ग्रुप के साथ पेश की। लैंप एक साथ आसमान में छोड़े गए। यह अद्भुत नजारा देखकर दर्शक रोमांचित हुए और उन्होंने खड़े होकर तालियों से कलाकारों की हौसलाफजाई की। कार्यक्त्रस्म का संचालन अभिनेत्री स्वरा भास्कर ने किया। इस दौरान वाणिज्यकर मंत्री बृजेंद्र सिंह राठौर अपनी पत्नी सहित और मुख्य सचिव सुधीरंजन मोहंती पूरे समय मौजूद रहे। ओरछा के आसपास औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की पुरजोर कोशिश की जाएगी। वाणिज्यिक कर मंत्री श्री राठौर नवकरणीय उर्जा के क्षेत्र में नई नीति शीघ्र ही आएगी। मुख्य सचिव मोहंती, वाणिज्यकर मंत्री बृजेंद्र राठौर ने कहा कि नमस्ते ओरछा महोत्सव न सिर्फ रामराजा की नगरी ओरछा के महत्व में वृद्धि करेगा बल्कि निकटवर्ती पर्यटन और आस्था के अन्य केन्द्र भी पर्यटन नक्षे पर उभर कर आएंगे। पर्यटन के क्षेत्र में निवेश के इच्छुक उद्योगपति यदि मुख्यमंत्री श्री कमलनाथ की इस पहल पर समर्थन देते हुए भरोसा करते हैं तो यह मध्यप्रदेश पर भरोसा करने योग्य बात होगी। मुख्य सचिव श्री सुधि रंजन मोहंती ने कहा कि अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण अन्य राज्यों और देष की लगभग पचास प्रतिशत आबादी मध्यप्रदेष से जुड़ी हुई है। मध्यप्रदेष अनके क्षेत्रों में अग्रणी स्थिति में है। विशेष रूप से नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में काफी कार्य किया जा रहा है। मुख्य सचिव ने बताया कि आगामी दो सप्ताह में नवकरणीय ऊर्जा के संबंध में न्यू विजन पॉलिसी लाई जाएगी। उद्योगों की स्थापना के लिये स्वीकृतियां देने की समयबद्ध व्यवस्था की गई है।