सरेआम महिला की चाकू मारकर हत्या
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प्रेमनगर क्षेत्र के पुलिया नंबर नौ पुलिस चौकी से दस कदम की दूरी पर बृहस्पतिवार की शाम ड्यूटी से लौट रही महिला रेल कर्मचारी की बीच सड़क पर चाकू गोदकर हत्या कर दी गई। वारदात के समय चौकी पर ताला लगा हुआ था। इससे हत्यारोपी भागने में सफल हो गया। पुलिस ने हत्या का शक सौतेले बेटे पर जताया है। उसकी तलाश की जा रही है।
प्रेमनगर थाना क्षेत्र के पुलिया नंबर नौ के तिकोनिया मुहल्ला निवासी बालकदास वर्मा रेलवे वर्कशाप में कर्मचारी थे। उनकी शादी हंसारी के टपरियन मुहल्ला में रहने वाली ममता (47) से हुई थी, जिससे उनको एक बेटा भूपेंद्र हुआ। शादी के कुछ साल बाद ही बालकदास ने भोपाल में रहने वाली पत्नी की मौसेरी बहन रानी से दूसरी शादी कर ली। रानी से तीन लड़के और एक लड़की हुई। 15 साल पहले बालकदास की कैंसर से मौत हो गई। इसके बाद दोनों बीवियों ने पति की नौकरी पाने के लिए जद्दोजहद शुरू कर दी। इस दौरान ममता ससुराल में ही और रानी चारों बच्चों के साथ वापस भोपाल अपने मायके चली गई। इस बीच ममता के बेटे भूपेंद्र की आठ साल की उम्र में बीमारी से मौत हो गई। दोनों बीवियों के बीच 14 साल तक नौकरी के लिए कोर्ट में मुकदमा चला। कोर्ट केस जीतने पर तीन माह पहले ही ममता को रेलवे वर्कशाप कैंटीन में चतुर्थ श्रेणी की नौकरी मिली थी। नौकरी मिलने के बाद से वह हंसारी टपरियन में रहने वाले अपने भाई के पास रह रही थी। ड्यूटी से छूटने के बाद वह पैदल ही पुलिया नंबर नौ से होती हुई अपने भाई के घर जाती थी।
बृहस्पतिवार की शाम करीब छह बजे वह ड्यूटी से घर वापस जा रही थी, तभी पुलिस चौकी से दस कदम पहले एक युवक ने उस पर चाकू से हमला कर दिया। हमलावर ने एक के बाद एक चार बार महिला को चाकू मारा। इससे वह मौके पर ही गिर पड़ी। इसके बाद हमलावर मौके से भाग निकला। घटनास्थल पर भीड़ लग गई। आसपास के लोगों ने अपने दरवाजे बंद कर लिए। सूचना पर एसएसपी अखिलेश चौरसिया, एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह, सीओ सिटी जंग बहादुर सिंह, थाना प्रभारी प्रेमनगर धर्मवीर सिंह, थाना प्रभारी नवाबाद बीएल यादव, स्वाट टीम प्रभारी विक्रम सिंह समेत बड़ी संख्या में पुलिस मौके पर पहुंच गई।
दीपक की तलाश जारी है
ड्यूटी से लौटते समय महिला की चाकू मारकर हत्या की गई है। पता चला है कि मृतक बालकदास की दूसरी पत्नी रानी के बेटे दीपक ने हत्या की है। दीपक की तलाश शुरू कर दी गई है।
अखिलेश चौरसिया, एसएसपी।
चौकी खुली होती तो बच सकती थी जान
पुलिया नंबर नौ पुलिस चौकी से ठीक दस कदम पहले हत्या होने से सभी सकते में हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर चौकी खुली होती तो महिला को तुरंत उपचार के लिए पहुंचाया जा सकता था। साथ ही हमलावर को भी पकड़ा जा सकता था, क्योंकि वह पैदल ही भाग निकला।