शिवाजी नगर के तौफीक अली घर में कोरोना वायरस को दुनियां से खत्म करने की खुदा दुआ मांग रहे है।
झांसी। माहे रमजान 24 या 25 अप्रैल से आरंभ होगा। लॉकडाउन के चलते मस्जिदों में पाबंदी रहेगी। धर्मगुरुओं व प्रशासन के साथ हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रत्येक मस्जिद से पेश इमाम समेत पांच लोगों को ही तरावीह पढ़ने की अनुमति होेगी। सभी के बाकायदा पास भी जारी होंगे।
शुक्रवार को डीएम आंद्रा वामसी ने कैंप स्थित सभाकक्ष में सर्वधर्म सद्भावना समिति के सदस्य व धर्मगुरुओं के साथ बैठक ली। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान जो भी त्यौहार आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मस्जिद से रमजान की सूचना दें कि लोग घर पर ही रहें। मस्जिद में पेश इमाम सहित पांच लोगों की अनुमति दी जाएगी। संबंधित धर्मगुरु उनके नाम, पता व मोबाइल नंबर दें और ईपास के लिए लिंक द्वारा आवेदन करें। उन्होंने शहर काजी व मुफ्ती काजी से जल्द नामों की सूची दिए जाने के निर्देश दिए हैं।
बैठक में आचार्य हरिओम पाठक ने अक्षय त़ृतीय के उपलक्ष्य में शादियों की अनुमति दिए जाने की बात कही। डीएम ने कहा कि शादी अनुष्ठान मंदिर प्रांगण में ही आयोजित हो। वर-वधु पक्ष से पांच लोग ही शामिल हों। इसमें सोशल डिस्टेंस का पालन किया जाए। उन्होंने पंडितों व पुजारियों के नामों की सूची जल्द उपलब्ध कराए जाने को कहा ताकि उनको ई-पास जारी किया जा सके।
आर्य समाज के अशोक सूरी ने भी आर्य समाज मंदिर में भी शादी अनुष्ठान की अनुमति मांगी। ज्ञानी महेंद्र सिंह से बात करते हुए डीएम ने कहा कि अरदास गुरुद्वारे में ज्ञानी ही करेंगे। शेष सभी भक्तजन घर पर ही रहें। अति आवश्यक है तो पांच लोग एक समय में दूरी बनाकर गुरुरद्वारे में अरदास कर सकेंगे, लेकिन नामों की सूची उपलब्ध करानी होगी। बौद्घ भिक्षु भंते ने मंदिर मेें सफाई व साधकों के आने की अनुमति मांगी तो जिलाधिकारी ने कहा कि पांच व्यक्ति ही दूरी बनाकर आ सकते हैं। डीएम ने समिति की उपाध्यक्ष डॉ. नीति शास्त्री को समस्त धर्मगुरुओं व उरके द्वारा दिए गए नामों के ई-पास लिंक पर आवेदन कराते हुए उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इस मौके पर मुफ्ती साबिर काशमी, मोहम्मद हाशिम, फादर सदानंद, फादर सहाय नाथन मौजूद रहे।