झांसी। हाईकोर्ट और परिवहन विभाग के आदेश स्कूल संचालकों के गले नहीं उतर रहे हैं। आलम यह है कि स्कूल संचालक बसों की फिटनेस जांच कराने के लिए परिवहन कार्यालय नहीं पहुंच रहे हैं। इसे लेकर परिवहन विभाग ने बीएसए और डीआईओएस को स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है।
हाईकोर्ट ने पिछले दिनों सभी स्कूल बसों की फिटनेस जांच कराने के लिए परिवहन विभाग के सचिव को निर्देश दिए थे। इसे लेकर जिले में परिवहन विभाग ने 54 स्कूल संचालकों को बसों की फिटनेस जांच कराने के लिए कहा था। जिले में कुल 231 स्कूल वाहन पंजीकृत हैं, लेकिन अब तक महज 19 स्कूल वाहनों की फिटनेस जांच हो सकी है।
इसे लेकर परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बीएसए और डीआईओएस को पत्र लिखा है। पत्र में स्कूल संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा गया है। एआरटीओ सत्येंद्र कुमार ने बताया कि फरवरी माह में स्कूली वाहनों की फिटनेस का काम पूरा कराया जाना है। जिन विद्यालयों ने फिटनेस नहीं कराई है, उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को पत्र लिखा गया है।
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पांच स्कूल बसों के काटे चालान
एआरटीओ ने फिटनेस जांच नहीं कराने वाले स्कूल वाहनों की गुरुवार को चेकिंग की। इस दौरान मऊरानीपुर के ग्रामोत्थान इंटर कॉलेज की दो, लाइफलाइन कॉलेज की एक और दूधनाथ डिग्री कॉलेज की एक और एक अन्य स्कूल बस का चालान काटा गया। साथ ही बिना टैक्स जमा किए दौड़ रहे वाहनों को सीज किया गया।