झांसी। पहले से कर्ज में डूबा एक बुजुर्ग किसान फसल खराब होने का सदमा बर्दाश्त नहीं कर पाया। उसने जहर खाकर अपनी जान दे दी। किसान ने 16 बीघा में गेहूं की फसल बोई थी। सामान्य तौर पर उसे अपनी जमीन से 90 बोरा गेहूं मिलता था, लेकिन बारिश से फसल खराब होने की वजह से महज 18 बोरा गेहूं ही निकला। घटना के बाद से परिजनों का बुरा हाल बना हुआ है। गांव का माहौल भी गमगीन है।
तालबेहट के खांदी गांव निवासी किसान कृपाल सिंह (60) ने अपने 16 बीघा खेत में गेहूं बोया था। फसल पककर तैयार हो चुकी थी। किसान को इस बार अच्छे उत्पादन की उम्मीद थी। लेकिन, पिछले दिनों अचानक हुई बारिश की वजह से उसकी फसल बुरी तरह से प्रभावित हो गई थी। बावजूद, किसान को लागत निकलने की पूरी उम्मीद थी। धूप निकलने के बाद किसान ने थ्रेसिंग शुरू कराई। यह काम बृहस्पतिवार को पूरा हुआ। किसान के हाथ सिर्फ 18 बोरा गेहूं ही आया, जबकि आमतौर पर 90 बोरा गेहूं होता था।
परिजनों के मुताबिक कम उत्पादन देख किसान सदमे में आ गया था। मायूस होकर वह दोपहर में खाना खाने के बहाने वह खेत से वापस अपने घर लौट आया था। यहां अपने कमरे में आकर उन्होंने जहरीला पदार्थ खा लिया। शाम को परिजन जब घर पहुंचे तब कृपाल घर में अचेत पड़े थे। यह देख परिवार के लोग उनको तुरंत लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे। यहां इमरजेंसी वार्ड में भर्ती किया गया था। शुक्रवार दोपहर उनकी मौत हो गई। परिजनों का कहना है उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड पर करीब चार लाख रुपये का कर्ज लिया हुआ था। यह कर्ज उनको इसी वर्ष चुकाना था। फसल खराब होने के बाद वह परेशान हो गए थे। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर उसे परिजनों को सौंप दिया है।