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मम्मियों की चिंता बढ़ा रही ऑनलाइन पढ़ाई

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लॉकडाउन मेें स्कूल बंद होने से घर पर चल रही ऑनलाइन पढ़ाई ने मम्मियों  की चिंता बढ़ा दी है। लगातार मोबाइल देखने से बच्चों को शारीरिक समस्याएं  हो रही हैं। वहीं बच्चों का मन ऑनलाइन पढ़ाई में कम लग रहा है। इससे बच्चों  के भविष्य को लेकर अभिभावकों की असमंजस में हैं। लॉकडाउन के दौर में स्कूल बंद होने से बच्चों को घर पर ऑनलाइन शिक्षा दी जा  रही है। स्कूल लगातार बच्चों को विभिन्न तरीकों से शिक्षित करने में जुटे  हैं। लेकिन ऑनलाइन शिक्षा मम्मियों के लिए दिक्कत का सबब बन रही है। ऑनलाइन  पढ़ाई के दौरान बच्चे मोबाइल को लगातार देखते हैं, इसके चलते आंखों में  जलन, सिरदर्द जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। वहीं मम्मियों का कहना है कि  स्कूल में जो पढ़ाई हो जाती है, वह ऑनलाइन नहीं हो सकती। ऐसे में वे बच्चों  के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ रही है। वहीं पढ़ाई के चलते बच्चों में  चिड़चिड़ाहट जैसे विकार भी बढ़ रहे हैं। कोर्स भी पूरा नहीं हो पा रहा है।  अभिभावकों का कहना है कि स्कूलों को ऑनलाइन पढ़ाई में अंतराल देना चाहिए।  ताकि बच्चों को राहत मिल सके। ऑनलाइन मैटेरियल मुहैया कराकर उससे पढ़ाया जा सकता है। बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान शारीरिक दिक्कतें हो रही हैं। स्कूलों को  इसमें बदलाव करना चाहिए।- रश्मि चौधरी, भट्टा गांव लगातार पढ़ाई से बच्चों की आंखों में जलन और सिरदर्द रहता है। इसमें अंतराल  मिलना चाहिए।- अंजना गौतम, कैमासन नगर स्कूल में जो पढ़ाई हो सकती है, वह ऑनलाइन नहीं हो सकती। बच्चे पढ़ाई पर  ध्यान नहीं दे पा रहे हैं।- चंचल परिहार, दिगारा ऑनलाइन पढ़ाई के चलते बच्चों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। इसे लेकर  परेशान हैं।- साधना रायकवार, दीनदयाल नगर लॉकडाउन में पढ़ाई सबसे ज्यादा प्रभावित हो रही है। इसके अन्य विकल्प तलाशे  जाएं।- सरिता गोयल, शिवाजी नगर लगातार मोबाइल देखना बच्चों के लिए घातक है। इसके लिए स्कूलों को अन्य उपाय  करने चाहिए।- निधि पटेरिया, खैलार
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