पांडुचेरी से गोरखपुर की बीच चलाई गई श्रमिक एक्सप्रेस से झांसी में उतरे डेढ़ सौ से अधिक मजदूरों को कई घंटों तक बसों का इंतजार करना पड़ा। लेकिन जिला प्रशासन द्वारा बसों का इंतजाम न किए जाने से मजदूर रेलवे परिसर में तीन घंटे से अधिक वक्त तक भूखे प्यासे बैठे रहे। लॉकडाउन के चलते पांडुचेरी में काम धंधे चौपट हो गए हैं। वहां के कलक्टर ने मजदूरों से अपने- अपने घर लौटने का आग्रह किया है। इस कारण पांडुचेरी से मजदूरों ने लौटना शुरू कर दिया है। रविवार को पांडुचेरी से गोरखपुर के लिए श्रमिक एक्सप्रेस ट्रेन को चलाया गया। इस ट्रेन को रास्ते के कई स्टेशनों पर ठहराव दिया गया। यह ट्रेन सुबह साढ़े नौ बजे झांसी रेलवे स्टेशन पर आई। झांसी में 150 से अधिक मजदूर उतरे। स्टेशन पर डॉ. शिवेंद्र प्रताप, स्टाफ नर्स रितु डेविड, शिखा ने थर्मल स्क्रीनिंग की। इनमें किसी को जालौन तो किसी आगरा, मेरठ, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर, बस्ती, हापुड़, छतरपुर, महोबा व अन्य जगह जाना था। स्टेशन के बाहर उनको घरों तक पहुंचाने के लिए बसों का इंतजाम न होने के कारण मजदूर एक पेड़ की छांव में बैठ गए। यहां वे तीन घंटे तक भूखे प्यासे बैठे रहे। जब मजदूरों का स्टेशन पर बैठे होने का शोर गुल शुरू हुआ, तब कहीं जाकर उनके लिए बसों का इंतजाम किया गया। उनको खाने के लिए पूड़ी व सब्जी भी दी गई।