डीएम अनुराग यादव ने कहा कि किसान खरीफ खेती में ऐसी फसल का चयन करें, जिसमें पानी की कम आवश्यकता हो। तिल क्षेत्र के लिए आच्छादन बढ़ाया जाना है। उच्च गुणवत्ता वाला बीज जनपद में उपलब्ध है। किसान ऑनलाइन आवेदन कर बीज प्राप्त कर सकते हैं। तिल की बुआई करें तो लाभ होगा।
विकास भवन सभागार में खरीफ गोष्ठी को संबोधित करते हुए उन्होंने अन्ना प्रथा को रोके जाने के लिए किसानों को आगे आने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि हर समस्या के लिए सरकार जिम्मेदार नहीं है। सरकार से संसाधन प्राप्त होते हैं ताकि किसान स्वयं आत्म निर्भर हो सकें। किसानों को अधिक से अधिक फल सब्जी की खेती करना चाहिए। सीडीओ संजय कुमार ने कहा कि यदि क्षेत्र में किसान बीज उत्पादन करेंगे तो अधिक लाभ होगा। इसी जलवायु में पैदा बीज बोए जाने से उत्पादन में वृद्धि होगी। ऐसी व्यवस्था की जाएगी कि किसान का बीज सीधे निगम क्रय करे। कृषि वैज्ञानिक डा. बी के सिंह ने किसानों को सुझाव दिया कि खरीफ की बुआई किसान 15 जुलाई से करें तो लाभ अधिक होगा। उन्होंने तिल, मूंगफली, अरहर व ग्वार बोने का सुझाव दिया। जिला कृषि अधिकारी डा. बी आर मौर्या ने तिल, उर्द, मूंगफली के बीजों पर दिए जाने वाले अनुदान की जानकारी दी।
गोष्ठी में ग्राम पिपरा के कृषक सौवीर सिंह ने प्रशासन से मांग की कि ग्राम ंके नाला पर चेकडैम बना दिया जाए तो क्षेत्र वासियों को लाभ मिलेगा साथ ही जल स्तर भी बढे़गा। ग्राम खड़ौरा के राम सुमिरन मिश्रा ने बुंदेलखंड पैकेज के नलकूप को उच्चीकृत करने तथा बीमा क्लेम के नियम को शिथिल कर किसानों को लाभ दिए जाने का सुझाव दिया। बड़ागांव के सुनील कुमार रिछारिया, ग्राम लौड़ी के प्रेम नारायण राजपूत, गौरी शंकर बिदुआ, महेंद्र शर्मा, बान सिंह समेत कई किसानों ने किसानों की समस्याओं को उठाया।
सौंपी ट्रैक्टर की चाबी
झांसी। फार्म मशीनरी बैंक की स्थापना योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय आजीविका मिशन योजना में पंजीकृत ग्राम ब्लॉक बामौर के ग्राम दखनेश्वर की राम जानकी महिला स्वयं सहायता समूह और चिरगांव विकास खंड की ग्राम देदर बेतवा कृषक सहायता समूह के राघवेंद्र को ट्रैक्टर की चाबी सौंपी गई।