झांसी। अतिरिक्त न्यायालय के पीठासीन अधिकारी दिलीप सिंह की अदालत ने ली गई रकम न लौटाने के मामले में अभियुक्त को एक साल के कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा 13 लाख रुपये जुर्माना भी लगाया।
गुमनावारा निवासी अधिवक्ता निर्देश कुमार द्विवेदी ने क्षेत्र के ही रहने वाले मुकेश पाल से एक मकान का सौदा किया था। अधिवक्ता ने बैनामे के लिए अग्रिम धनराशि साढ़े नौ लाख रुपये अदा की थी। इसके एवज में मुकेश पाल ने दो चेक दीं थीं। तय अवधि में चेक बैंक में लगाई गईं, लेकिन खाते में समुचित धनराशि न होने पर चेक बाउंस हो गईं। इस पर निर्देश कुमार की ओर से मुकेश पाल को नोटिस भेजा गया था। बावजूद, रकम की अदायगी नहीं हुई। इस पर पीड़ित पक्ष ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। अदालत ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद अभियुक्त मुकेश पाल को एक साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा 13 लाख रुपये अर्थदंड भी लगाया। अर्थदंड अदा न करने पर तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अर्थदंड की राशि में से साढ़े नौ लाख रुपये परिवादी को बतौर प्रतिकर प्रदान किए जाएंगे।