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चेक बाउंस मामले में एक साल की सजा, 66 लाख जुर्माना

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चेक बाउंस मामले में एक साल की सजा, 66 लाख जुर्माना
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झांसी। न्यायालय अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय संख्या एक लाल बहादुर गौड़ ने चेक बाउंस के मामले में एक अभियुक्त को 66 लाख रुपए अर्थदंड और एक वर्र्ष की सजा सुनाई है। वहीं पीठासीन अधिकारी अतिरिक्त न्यायालय दिलीप सिंह की अदालत ने चेक बाउंस के एक मामले में अभियुक्त को एक वर्ष छह माह की सजा व आठ लाख रुपये जुर्माना की सजा सुनाई है।
अधिवक्ता विशाल छावड़ा के मुताबिक कोतवाली स्थित फ्रेंडस कॉलोनी निवासी कमलाकांत ने महेश बादल को व्यापार के नाम पर 60 लाख रुपए दिए थे। इसके एवज में महेश बादल ने 60 लाख रुपए की चेक दी थी। खाते में रकम न होने के कारण चेक बाउंस हो गया था। इसकेे चलते वादी ने 13 मार्च 2016 को अदालत में वाद दायर किया था। 17 जुलाई को अदालत ने अभियुक्त महेश बादल पर 66 लाख रुपए अर्थदंड व एक साल की सजा सुनाई। अर्थदंड न देने पर दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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वहीं पीठासीन अधिकारी अतिरिक्त न्यायालय दिलीप सिंह की अदालत ने चेक बाउंस के मामले में एक अभियुक्त को सजा सुनाई है। थाना सीपरी बाजार के सर्व नगर कॉलोनी जार पहाड़ निवासी गौरव सबरवाल ने एक व्यक्ति से व्यापार के उद्देश्य से पांच लाख पच्चीस हजार रुपए उधार लिए थे। इसकी अदालत के लिए परिवादी को चेक दिया था, लेकिन अभियुुक्त के खाते में पर्याप्त राशि न होने के कारण चेक बाउंस हो गया था। शुक्रवार को अदालत ने अभियुक्त को धारा 138 एनआई एक्ट में एक वर्ष छह माह के सश्रम कारावास व आठ लाख रुपए का अर्थदंड लगाया। अर्थदंड अदा न करने पर चार माह के कारावास से दंडित किया है।
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