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ठेकेदारों को एक हफ्ते का अल्टीमेटम, फिर काम काली सूची में

Sun, 18 Jun 2017 01:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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ठेकेदारों को एक हफ्ते का अल्टीमेटम - फोटो : demo
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सवा करोड़ रुपये के विकास कार्यों के टेंडर छह महीने पूर्व होने के बावजूद अभी तक नगर निगम के ठेकेदारों ने न तो एग्रीमेंट किया है और न काम शुरू किए हैं। इस पर उन्हें नोटिस जारी किए गए हैं।एक सप्ताह में काम शुरू नहीं हुआ तो उन्हें काली सूची में डाल दिया जाएगा। उनकी जमानत राशि भी जब्त कर ली जाएगी।
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पहले नोटबंदी, फिर बालू खनन पर रोक और इसके बाद विधानसभा चुनाव के कारण के कारण शहर के विकास कार्य अटके रहे। निकाय चुनाव की सुगबुगाहट होने के बाद पार्षदों ने काम शुरू करने का जोर डाला तो पता चला कि ठेकेदारों ने टेंडर तो लिया है, लेकिन अब तक काम से संबंधित एग्रीमेंट की प्रक्रिया पूरी नहीं की है। कुछ ठेकेदारों ने एग्रीमेंट कर लिया तो उन्होंने वर्कआर्डर रिसीव नहीं किया है। कुछ को वर्कआर्डर भी जारी हो गए। इस कारण काम शुरू नहीं हो सके हैं। यह मामला महापौर किरन वर्मा के संज्ञान में आने पर उन्होंने निर्माण कार्य जल्द शुरू कराने के निर्देश दिए, लेकिन इसके बाद भी ठेकेदारों पर कोई फर्क नहीं पड़ा तो सभी को नोटिस जारी करने का निर्णय लिया गया।
अधिशासी अभियंता एके शर्मा ने बताया कि जिन ठेकेदारों ने एग्रीमेंट नहीं कराया है अथवा एग्रीमेंट के बाद वर्कआर्डर लेने में देरी की है। कुछ लोगों ने वर्कआर्डर ले भी लिए हैं, लेकिन काम शुरू नहीं किए हैं। उन सभी 40 ठेकेदारों को नोटिस जारी किए गए हैं। नोटिस में चेतावनी दी गई है कि ठेकेदार विभागीय प्रक्रिया पूरी कर काम शुरू कराएं। यदि एक सप्ताह में काम शुरू नहीं होते हैं तो ठेकेदार की सिक्योरिटी राशि जब्त कर ली जाएगी और उन्हें ब्लैक लिस्टेड किया जाएगा।
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दबाव बनाया जा रहा है
महापौर एकतरफा बात कर रही हैं। कुछ दिन पहले ठेकेदारों का महापौर से सड़क जांच को लेकर विवाद हो गया था। इस कारण अब ठेेकेदारों पर दबाव बनाया जा रहा है। चुनिंदा ठेकेदारों को टारगेट बनाकर नोटिस दिए जा रहे हैं।
- संजय गर्ग
ठेकेदार

नियमों की धज्जियां
शहर के 20 वार्डों में एपेक्स और नाली निर्माण के कार्यों के टेंडर कई महीने पहले हो गए थे। नियमानुसार टेंडर खुलने के दो सप्ताह के अंदर एग्रीमेंट और वर्कआर्डर की प्रक्रिया पूरी होनी चाहिये, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

मुख्य अभियंता की शिकायत
महापौर किरन वर्मा ने मुख्य अभियंता आरके वर्मा की कार्यप्रणाली को संदिग्ध बताते हुए उनकी शिकायत शासन को भेज दी है। साथ ही नगर आयुक्त को भी पत्र लिखा है। इसमें कहा गया है कि कई कार्यों के टेंडर होने के बाद काम शुरू नहीं हो रहा है। कार्य संबंधी फाइलें अरसे से मुख्य अभियंता के पास पेंडिंग पड़ी हैं। वह फाइल आगे नहीं बढ़ा रहे। इस कारण काम ठप हैं।
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