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टैक्स के साथ देना होगा एक फीसदी ब्याज

Sun, 06 Aug 2017 12:47 AM IST
amarujala
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tax jhansi news - फोटो : demo
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झांसी।
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आयकर रिटर्न भरने की अंतिम तिथि शनिवार को खत्म हो गई। मगर, छूटे करदाता अब भी 31 मार्च 2018 तक अपना ऑनलाइन रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। बशर्ते, अब जिन करदाताओं को टैक्स देना है, उनको एक प्रतिशत ब्याज भी देना होगा। साथ ही रिटर्न फार्म में संशोधन भी नहीं किया जा सकेगा।
पांच अगस्त को आयकर रिटर्न भरने की अंतिम तिथि थी। चूंकि, ऑनलाइन रिटर्न से गलतियों की संभावना नहीं रहती है और आयकरदाता ऑफिस के चक्कर लगाने से बच जाते हैं। इस कारण शनिवार को सुबह से ही को चार्टर्ड एकाउंटेंट और अधिवक्ताओं के ऑफिस में करदाताओं की भीड़ लगी रही। वहीं, आयकर कार्यालय के करदाता सेवा केंद्र पर रात 12 बजे तक कार्यालय अधीक्षक अनीता निगम और कर सहायक दिनेश कुमार मैन्युअल रिटर्न लेते रहे। इस दौरान करीब 65 करदाताओं ने अपने मैन्युअल रिटर्न दाखिल किए। अभी तक आठ सौ करदाता मैन्युअल रिटर्न दाखिल कर चुके हैं।
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31 तक आधार लिंक कराना जरूरी
करदाताओं को 31 अगस्त तक पेन के साथ आधार नंबर लिंक कराना जरूरी हैं। साथ ही जिस दिन रिटर्न भरा गया हो, उस दिन से 120 दिन के अंदर बंगलूरू स्थित आयकर कार्यालय में एक कॉपी ऑनलाइन भेजना जरूरी है। कॉपी में करदाता के हस्ताक्षर होना भी आवश्यक है।

टैक्स छूट का नियम 
- पुरुष व महिलाओं को तीन लाख रुपये तक
- वरिष्ठ नागरिकों को तीन लाख रुपये तक
-  80 वर्ष से ऊपर के सुपर वरिष्ठ नागरिकों को पांच लाख तक
- पांच लाख से ऊपर की आय व रिफंड पाने वालों के लिए ई-फायलिंग आवश्यक
- पांच लाख से कम आय वाले भी ई-रिटर्न दाखिल कर सकते हैं।

रिटर्न के लाभ
- रिटर्न भरने से आपकी आर्थिक हैसियत का पता लगता है
- कोई भी लोन कराने के लिए तीन साल का रिटर्न दाखिल होना जरूरी
- देश से बाहर जाने के लिए इमीग्रेशन प्रोफाइल में वीजा के लिए जरूरी
- थर्ड पार्टी इंश्योरेंस में दुर्घटना क्लेम के लिए आवश्यक
- अगर आपका टीडीएस कटता है और रिफंड आ रहा है तो क्लेम के लिए जरूरी
- रिटर्न से आपकी आय का सबूत भी होता है
- आजकल सभी खरीद व अन्य गतिविधियां पेन कार्ड से लिंक होने से सरकार पर आपकी नजर है, इसलिए रिटर्न दाखिल कर आप किसी भी तरह की कार्रवाई से बच सकते है।
- कभी कोई जांच हो जाए तो रिटर्न साक्ष्य के काम आता है

ये फायदा भी
अंतिम तिथि तक रिटर्न दाखिल करने से फायदा यह है कि अगर कोई गलती हो जाए तो रिवाइज्ड रिटर्न (गलती को संशोधन कराके) दाखिल कर सकते है। वैसे अंतिम तिथि के बाद 30 मार्च तक रिटर्न भरा जा सकता है, मगर रिवाइज्ड रिटर्न का फायदा नहीं मिलता। जिनका टैक्स बन रहा है, उनको एक प्रतिशत ब्याज देना पड़ता है। देरी से रिटर्न दाखिल करने पर पांच हजार रुपये जुर्माने का भी प्रावधान है। ऑडिट कंपनियों को इस सुविधा का लाभ नहीं मिलता है।
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परिक्षेत्र में 68 हजार करदाता 
झांसी-ललितपुर परिक्षेत्र में 68 हजार आयकरदाता हैं। इनमें 55 हजार झांसी जिले और 13 हजार ललितपुर में हैं। इनमें सालाना एक लाख से ऊपर टैक्स देने वालों की संख्या दो हजार से अधिक हैं।
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