झांसी। शुक्रवार को सर्द रात में एक और नवजात बच्ची सड़क किनारे लावारिस अवस्था में पड़ी पाई गई है। हालत ठीक नहीं होने पर पहले उसे पहले स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। यहां से गंभीर हालत में उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया। लेकिन, मेडिकल पहुंचने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया।
वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई के नाम से पहचानी जाने वाली झांसी की धरती लगातार कलंकित हो रही हैं। यहां नवजात बेटियों को फेंके जाने का सिलसिला जारी है। शुक्रवार रात तकरीबन आठ बजे एरच थाना इलाके के ग्राम बेना सुरवई में एक नवजात बच्ची सड़क किनारे पड़ी पाई गई। गांव के ही किसान कमलेश कुमार सड़क से गुजर रहे थे। इसी दरम्यान उन्हें रोने की आवाज आई। आसपास देखा तो एक बच्ची कपड़े में लिपटी पड़ी हुई थी। कमलेश ने उसे उठा लिया और तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। यहां जांच में हालत गंभीर पाई गई, जिससे उसे इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया, लेकिन रास्ते में ही बच्ची ने दम तोड़ दिया। बच्ची हाल की पैदा हुई थी। अनुमान लगाया जा रहा है कि आसपास का ही कोई व्यक्ति बच्ची को सड़क किनारे छोड़ गया।