अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में दूसरे दिन दोपहर तक आउटसोर्सिंग पर तैनात सफाई कर्मचारी हड़ताल पर रहे। इससे कॉलेज की सफाई व्यवस्था चरमरा गई। जब कर्मचारियों का एक माह का मानदेय जारी किया गया, तब वे काम पर लौटे।
मेडिकल कॉलेज में आउटसोर्सिंग पर 700 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तैनात हैं। ग्लोबल कंपनी को ये टेंडर मिला हुआ है। कर्मचारियों को दिसंबर से मानदेय नहीं मिला था। वे लगातार कॉलेज प्रशासन से मानदेय जारी करवाने की मांग कर रहे थे। मानदेय जारी न होने पर शुक्रवार को सभी कर्मचारियों ने हड़ताल शुरू कर दी। कॉलेज परिसर में ही धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया था। पूरे दिन कर्मचारी काम पर नहीं लौटे।
शनिवार को भी कर्मचारियों ने हड़ताल जारी रखी। सुबह से ही अधिकारी उन्हें समझाने का प्रयास करते रहे मगर वे काम पर नहीं लौटे। फिर कर्मचारियों के खाते में दिसंबर के मानदेय का पैसा जारी होना शुरू हो गया। दोपहर करीब दो बजे कर्मचारी काम पर लौट आए।
उप मुख्यमंत्री से मिलने जा रहे कर्मियों को रोका गया
झांसी। हड़ताल के दूसरे दिन इलाइट चौराहे पर आउटसोर्स कर्मचारी एकत्र हुए। कर्मचारी उप मुख्यमंत्री से मिलने जा रहे थे। जानकारी होते ही पुलिस-प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे। परशुराम चौक पर सभी को रोक लिया गया। फिर लक्ष्मी गार्डन ले जाकर प्रधानाचार्य डॉ. मयंक सिंह, सीएमएस डॉ. सचिन माहुर को बुलाकर कर्मचारियों की बातचीत कराई गई। इसके बाद वे शांत हो गए। बताया गया कि प्रधानाचार्य ने कर्मचारियों को सेवा प्रदाता संस्था द्वारा 10 मार्च तक दो माह का मानदेय देने का लिखित आश्वासन दिखाया। इस दौरान पूर्व मंत्री प्रदीप जैन आदित्य, मनीराम कुशवाहा, इम्तियाज हुसैन, शंभू सेन, अनिल रिछारिया, शैलेंद्र वर्मा, कार्तिक पटैरिया आदि मौजूद रहे।
आउटसोर्सिंग कर्मियों को दिसंबर का वेतन जारी हो गया है। फरवरी का मानदेय भी 10 मार्च तक जारी कर दिया जाएगा। दोपहर में सभी कर्मचारी काम पर लौट आए। - डॉ. सचिन माहुर, प्रमुख अधीक्षक, मेडिकल कॉलेज