झांसी। एक बार फिर जिलेे में सुसाइड के तीन मामले सामने आए। सोमवार को तीन लोगों ने अलग-अलग स्थानों पर फांसी लगाकर जान दे दी। तीनों मामलों में कारण सामने नहीं आ सका। लेकिन, इन सुसाइड के पीछे तनाव जरूर माना जा रहा है।
जिले में सुसाइड के मामले फिर तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। सोमवार को एक बालक समेत तीन लोगों ने फांसी लगा ली। मनोचिकित्सकों के अनुसार कोरोना काल में चारों तरफ निराशा, आर्थिक अनिश्चितता, टीवी पर मरीजों और मौत के बढ़ते आंकड़े, बढ़ती बेरोजगारी का माहौल है। लोग इन सब बातों के बारे में ही सोचते रहते हैं। वे चिड़चिड़े हो रहे हैं। पारिवारिक या सामान्य से कारणों पर भी आत्महत्या कर ले रहे हैं। अवसाद और आवेग में कई बार वे परिजनों तक की हत्या कर दे रहे हैं। जबकि यह कोरोना जनित समस्या कुछ लोगों की नहीं पूरे विश्व की है। इसलिए यह वक्त सकारात्मक सोच रखने और अपनी रुचि के काम करने का है।
नंबर 1
- थाना नवाबाद के मैरी गांव निवासी जयपाल (15) ने अज्ञात कारणों के चलते फांसी लगाकर जान दे दी। घटना के कारणों का पता नहीं चल सका।
नंबर 2
- थाना सीपरी बाजार के टपरियन निवासी मनीराम (35) ने भी फांसी लगा ली। यहां भी पोस्टमार्टम कराने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुटी रही।
नंबर 3
थाना बड़ागांव के बराठा गांव निवासी मनोज (45) ने भी अज्ञात कारणों के चलते फांसी लगा ली। देर रात पुलिस मामले की जांच में जुटी रही।
सुसाइड के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। सुसाइड करने वालों में सबसे ज्यादा युवा हैं। युवाओं में अपने भविष्य को लेकर चिंता है और ये उनके डिप्रेशन में जाने, आत्महत्या के लिए प्रेरित होने की वजह बन सकती है। युवाओं को सलाह है कि वह व्यस्त रहें और दिमाग में इस तरह के ख्याल आने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। - डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार, मनोचिकित्सक।