मुख्यमंत्री ने झांसी शहर में मेट्रो ट्रेन के लिए डीपीआर बनाने के आदेश दिए हैं लेकिन यदि मानक का आधार पर बात करें तो फिलहाल यहां इस योजना पर संशय है। शहर में मेट्रो चलाने के लिए कम से कम 10 लाख आबादी होनी चाहिये पर झांसी शहर में अभी छह लाख के आसपास ही है।
मुख्यमंत्री ने इलाहाबाद, मेरठ, आगरा, गोरखपुर के साथ ही झांसी शहर में भी मेट्रो चलाने के लिए डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार करने को कहा है। चूंकि, झांसी को स्मार्ट सिटी बनाने की पहल तो पहले से ही तेजी से चल रही है, ऐसे में मेट्रो की सौगात शहरवासियों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी बनकर आई है। जानकारों का मानना है कि बुंदेलखंड का झांसी शहर सबसे प्रमुख और बड़ा शहर है। झांसी की रानी लक्ष्मीबाई की वजह से इस शहर का पूरे विश्व में नाम है। पर्यटन की दृष्टि से भी बहुत महत्वपूर्ण केंद्र है। इस शहर को मेट्रोपोलिटन सिटी बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने ऐसा निर्णय लिया है।
मगर, आबादी के हिसाब से अभी झांसी शहर मेट्रो चलाने के मानकों को पूरा नहीं करता है। मेट्रो के हिसाब से जनसंख्या दस लाख से अधिक होनी चाहिए, जबकि यहां छह लाख के करीब है और पूरे जनपद की आबादी करीब 18 लाख है। शहर का फैलाव भी दस किलोमीटर के दायरे में ही है और मेट्रो के लिए कम से कम 20 किलोमीटर जरूरी है।
निर्देश आने पर शुरू करेंगे काम
‘मेट्रो झांसी शहर के लिए बड़ी सौगात है। शासन से जैसे निर्देश मिलेंगे, उसी हिसाब से काम शुरू करेंगे। पहले देखना होगा कि मेट्रो की जिम्मेदारी किस विभाग को सौंपी जाती है?’
एनके पुष्कर्णा, सहयुक्त नियोजक, संभागीय नियोजन कार्यालय