झांसी। इन दिनों बिकने वाले मौसमी फल जामुन को शुगर के मरीज खूब खा रहे हैं। मगर शुगर नियंत्रित रखने के लिए खाया जाने वाला ये जामुन तेल लगाकर बेचा जा रहा है। हालांकि, इसमें कौन सा तेल लगाया जाता है, इससे खाद्य विभाग भी अनजान है। ऐसे में तेल लगा हुआ जामुन खाना सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है।
जामुन चमकदार दिखे, इसके लिए फल विक्रेता जामुन में तेल लगाकर बेच रहे हैं। लोग भी जामुन की चमक में आकर इन्हें ताजा समझकर खरीद लेते हैं। मगर ये सेहत के लिए नुकसानदेह भी साबित हो सकते हैं। क्योंकि, झांसी में बीते कुछ सालों में जामुनों के सैंपलों की जांच ही नहीं हुई है। जिससे ये पता लग सके कि इन पर कौन सा तेल लगाया जा रहा है। हालांकि, फल विक्रेताओं का कहना है कि वो जामुन पर सरसों का तेल लगाते हैं। मगर सरसों के दाम दो सौ रुपये के करीब होने की वजह से तमाम सवाल भी पैदा हो रहे हैं। इस मामले में खाद्य विभाग के सहायक आयुक्त राजेंद्र सिंह का कहना है कि अलग-अलग जगह से जामुन का सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भिजवाया जाएगा।