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Jhansi News: सुकुवां-ढुकुवां और पारीछा बांध के गेट संचालन का टेंडर कराना भूले अफसर

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अमर उजाला ब्यूरो



झांसी। मानसून आने में चंद दिन शेष हैं, इसके बावजूद सुकुवां-ढुकुवां और पारीछा बांध के गेट संचालन का टेंडर कराना ही अफसर भूल गए। बारिश आरंभ होने से पहले दोनों बांधों के गेट उठाने पड़ते हैं। यह काम सिंचाई विभाग ठेके पर कराता है, लेकिन अब तक इसके टेंडर ही नहीं कराए गए।

झांसी मंंडल में बेतवा नदी पर बने माताटीला बांध, राजघाट बांध के गेट कंप्यूटराइज किए जा चुके हैं, जबकि सुकुवां-ढुकुवां और पारीछा बांध में अंग्रेजों के जमाने के गेट लगे हैं। हर मानसूनी सीजन में बांध में बारिश होने से पहले पानी भरने के लिए गेट उठाना पड़ता है, जबकि बारिश खत्म होने के बाद पानी रोकने के लिए गिराना होता है। सुकुवां-ढुकुवां में डेढ़ सौ गेट हैं, जबकि पारीछा बांध में 318 गेट हैं। इनको उठाने एवं गिराने के लिए बड़ी संख्या में श्रमिक लगाने पड़ते हैं। सालाना इस पर 8-10 लाख रुपये खर्च होते हैं।
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बेतवा प्रखंड को यह काम कराना होता है, लेकिन बारिश सीजन शुरू होने से पहले जब सिंचाई अफसरों की नियमित समीक्षा बैठक के दौरान मालूम चला कि अब तक इसके टेंडर ही नहीं कराए गए। वहीं, विभागीय जानकारों का कहना है कि जानबूझकर टेंडर कराने में विलंब हुआ। टेंडर में विलंब होने पर यह काम बिना टेंडर कराए ही मनचाही फर्म को थमा दिए जाते हैं। पिछले साल भी लाखों रुपये के काम बिना टेंडर कराए ही अफसरों ने कराकर पैसों का बंदरबांट कर डाला। मुख्य अभियंता अंबुज द्विवेदी का कहना है कि अभी तक टेंडर न कराए जाने की जांच होगी।
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इनसेट

झांसी डिवीजन के खाते में नहीं आई रकम



मुख्य अभियंता की ओर से त्रैमासिक बजट आवंटन में झांसी डिवीजन की झोली खाली रह गई। कुछ दिनों पहले हुए आवंटन में माताटीला प्रखंड को 30 लाख रुपये, उरई प्रथम को 60 लाख रुपये एवं उरई द्वितीय को 60 लाख रुपये का आवंटन हुआ, लेकिन झांसी के सबसे बड़े डिवीजन को कोई रकम नहीं दी गई। झांसी डिवीजन के पास ही गुरसराय नहर संचालन समेत कई बांध एवं अन्य नहरों के संचालन का जिम्मा है। अगले कुछ माह के भीतर ही खरीफ सीजन आरंभ होने जा रहा है। ऐसे में बजट आवंटन न होने से झांसी डिवीजन के अभियंताओं में खलबली मची है। मुख्य अभियंता अंबुज द्विवेदी का कहना है कि बजट में कटौती नहीं की गई है, बल्कि तकनीकी वजहों से पैसा रोका गया है। इसे बाद में जारी किया जाएगा।
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