कई नर्सिंगहोम संचालक मानकों की नियमों की जिस तरह अनदेखी कर रहे हैं और संबंधित विभाग के अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, उससे उन पर सवाल उठ रहे हैं। सवाल है कि क्या कुछ अधिकारी नर्सिंगहोम संचालकों की ढाल बन गए हैं जो उन्हें बचाते रहते हैं? हालत यह है कि ज्यादातर नर्सिंगहोमों में पार्किंग के इंतजाम नहीं हैं। सामने फुटपाथ को पार्किंग में तब्दील कर दिया है। इससे आवागमन प्रभावित है, लेकिन इसकी चिंता न तो नगर निगम को है और न ही नर्सिंगहोम संचालकों को।
शहर में ज्यादातर नर्सिंगहोम भवन का आवासीय नक्शा पास कराकर बने हुए हैं। इसलिए पार्किंग की व्यवस्था नहीं है। जिन नर्सिंग होम में बेसमेंट बने हैं, उसका इस्तेमाल मरीजों को भर्ती करके किया जा रहा है। जबकि, नर्सिंगहोम की पार्किंग के लिए झांसी विकास प्राधिकरण ने मानक तय किए हुए हैं। नियमानुसार बेसमेंट में पार्किंग के लिए 32 वर्ग मीटर जगह होनी चाहिए लेकिन चुनिंदा अस्पतालों को छोड़कर किसी ने भी बेसमेंट नहीं बनवाया है। मेडिकल कॉलेज के सामने व आसपास के अस्पतालों में नगर निगम द्वारा राहगीरों के लिए बनाए गए फुटपाथ पर डॉक्टरों, मरीजों और तीमारदारों के दोपहिया व चौपहिया वाहन खड़े हो रहे हैं। फुटपाथ पर वाहन खड़े होने के कारण राहगीरों को सड़क पर चलना पड़ता है। ऐसे में दुर्घटना का शिकार होने की संभावना भी बन रहती है। साथ ही शहर भी बदसूरत लगता है। इस बिगड़ी व्यवस्था की अनदेखी करने में नगर निगम भी पीछे नहीं है।
हटवाएंगे वाहन
नगर निगम का अतिक्रमण हटाओ दस्ता फुटपाथ पर खड़े वाहनों को गाड़ी से लगातार उठाता रहता है। नर्सिंगहोमों के सामने फुटपाथ पर से कब्जे हटवाए जाएंगे। साथ ही मेडिकल कालेज के आसपास भी फुटपाथ खाली करवाए जाएंगे।
- आनंद सिंह, अतिक्रमण हटाओ प्रभारी, नगर निगम।