झांसी। मंगलवार को समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री योगी यूं ही खफा नहीं थे। प्रशासन के आंकड़े देखकर योगी ने नाराजगी जताई। माफिया दिन रात अवैध काम में लगे रहे और कार्रवाई में अधिकारियों के हाथ कांपते रहे। पिछले दो साल में झांसी, ललितपुर और जालौन में पुलिस व प्रशासन 97 माफियाओं पर ही कार्रवाई कर सका। इन सभी की मात्र दो करोड़ 54 लाख की ही संपत्ति प्रशासन कुर्क कर सका।
झांसी, ललितपुर व जालौन में माफियाओं ने अपने-अपने तरीके से अरबों रुपये की संपत्ति बना रखी है। अवैध कब्जों को लेकर भी कई नाम सामने आते रहे। छोटे कारोबारियों पर कार्रवाई कर पुलिस वाहवाही लूटती रही। पुलिस केवल 36 शराब कारोबारियों को ही चिह्नित कर सकी। परिक्षेत्र में अवैध खनन भी खूब हुआ। केवल 24 खनन माफियाओं से पुलिस 51 लाख 74 हजार की संपत्ति ही कुर्क कर सकी।
कानपुर में आठ पुलिस वालों की हत्या के बाद पुलिस अलर्ट होकर माफियाओं की कमर तोड़ने में लग गई थी। अकूत संपत्ति की जानकारी जुटाकर कार्रवाई शुरू कर दी गई थी, लेकिन धीरे-धीरे यह अभियान भी कागजों में सिमट कर रह गया। मंगलवार को समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री योगी ने कार्रवाई के नाम पर नाराजगी जाहिर की है। मुख्यमंत्री की नाराजगी के बाद अधिकारियों के माथों पर बल आना शुरू हो गए हैं। माना जा रहा है कि पुलिस जुटकर बड़ी कार्रवाई कर सकती है।
यह हुई कार्रवाई
नाम संख्या
भूमाफिया 22
खनन 26
शराब माफिया 36
अन्य माफिया 13
इन पर नहीं हो सकी कार्रवाई
सफेदपोश 0
ठेकेदार माफिया 0
परिवहन माफिया 0
पशु तस्कर 0
वन माफिया 0
माफियाओं की संपत्ति जब्त की गई है। पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसके लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। सभी की बाकायदा सूची भी तैयार कराई जा रही है। गलत काम करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे।
सुभाष सिंह बघेल, आईजी