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ऑफ लाइन कतार में, ऑन लाइन की मौज

Fri, 13 May 2016 01:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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data online, jhansi news - फोटो : demo
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झांसी। गरीब परिवार के कमाऊ मुखिया की मौत के बाद परिजनों को सहारा देने वाली राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना का लाभ 900 आवेदकों को नहीं मिल पा रहा है। यह वेे आवेदक हैं जिन्होंने एक जनवरी के बाद ऑफ लाइन अर्थात हाथों से फार्म भरकर दिए गए थे। इनको लाभार्थी के रूप में स्वीकृत कर लिया गया है, मगर लाभ देने के लिए शासन के अगले आदेश का इंतजार है। वहीं, उन आवेदनकर्ताओं की मौज है जिन्होंने ऑन लाइन आवेदन किए थे।
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राज्य सरकार ने ऐसे गरीब परिवारों को एक मुश्त आर्थिक सहायता पहुंचाने की योजना चलाई है, जिनके कमाऊ मुखिया की मौत हो गई हो। ऐसे परिवारों को शासन द्वारा 30,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है।

मृतक की पत्नी अथवा नाबालिग बच्चों को पहले ऑफ लाइन फार्म भरकर समाज कल्याण विभाग में आवेदन देना होता था, जिसका सत्यापन राजस्व कर्मी (लेखपाल व कानूनगो) करते थे और बाद में शासन से लाभार्थी के रूप में चयनित होने पर लखनऊ सूची भेज दी जाती थी। वहां से अनुमति मिलने के बाद लाभार्थियों की सूची स्थानीय कोषागार (ट्रेजरी) भेजी जाती थी। यहां से लाभार्थी के खाते में सीधा रुपया जमा करा दिया जाता था।
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अब आवेदन करने का तरीका बदल गया है। अब ऑन लाइन आवेदन करना पड़ता है। साथ ही मृतक व्यक्ति का शैक्षिक प्रमाण पत्र जन्म तिथि के रूप में स्वीकार किया जाता है। यदि जन्म तिथि का प्रमाण पत्र नहीं है तो परिवार रजिस्टर की नकल उसके विकल्प के रूप में स्वीकार की जाती है।

वर्तमान में समाज कल्याण विभाग में एक जनवरी 2016 से जो आवेदन ऑन लाइन किए गए थे, उन्हें लाभ दिया जा रहा है। इसके पहले ऑफ लाइन किए गए 900 आवेदनों का सत्यापन हो चुका है और उन्हें लाभार्थी के रूप में चयनित भी कर लिया गया, चार माह गुजर जाने के बाद आज भी उन्हें राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना का लाभ नहीं मिल सका है। क्योंकि शासन से इन आवेदन पत्रों के बारे में अभी तक कोई आदेश नहीं आया है। उन्हें आज भी सरकारी मदद का इंतजार है।

‘आवेदन के महज 45 दिन में ही सारा सत्यापन व अन्य प्रक्रियाएं पूर्ण कर आवेदक को लाभ दिए जाने का प्रावधान है। चयनित हो चुके इन 900 ऑफ लाइन आवेदन पत्रों को लाभ नहीं मिल पा रहा है। शासन से आदेश आते ही इनकी सूची भी ट्रेजरी को भेज दी जाएगी। फिलहाल मामला लंबित है।’
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 इसरा उल हक
समाज कल्याण अधिकारी, झांसी
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