जिला अस्पताल में निगेटिव ब्लड ग्रुप नहीं, मेडिकल कॉलेज में सिर्फ तीन
झांसी। जिले के सरकारी ब्लड बैंकों में एक बार फिर रक्त का जबरदस्त टोटा होने लगा है। सबसे ज्यादा दिक्कत निगेटिव ब्लड ग्रुप को लेकर हो रही है। जिला अस्पताल में एक भी यूनिट निगेटिव ब्लड ग्रुप नहीं है। जबकि, मेडिकल कॉलेज में महज तीन यूनिट निगेटिव ब्लड ग्रुप है। वहीं, दोनों अस्पतालों में मिलाकर सिर्फ 30 यूनिट ही रक्त है।
कोरोना काल में लोग घरों पर ही कैद रहे, इस कारण नियमित रक्तदान का कार्यक्रम बंद रहा। स्वयंसेवी संस्थाओं ने भी कोरोना के प्रसार के डर से शिविरों का आयोजन नहीं किया। लोग भी अस्पतालों में जाने से बचते रहे। हालांकि, जरूरतमंदों के लिए कुछ लोग आगे भी आए। अब सरकारी अस्पतालों के ब्लड बैंक में रक्त का जबरदस्त टोटा हो गया है। सबसे ज्यादा दिक्कत निगेटिव ब्लड ग्रुप को लेकर हो रही है। हाल ही में भारतीय जनता पार्टी द्वारा रक्तदान शिविर आयोजित करने की वजह से 21 यूनिट ब्लड जरूर मेडिकल कॉलेज को प्राप्त हुआ है।
कहां-कितना ब्लड
..........................
अस्पताल ब्लड ग्रुप उपलब्धता
जिला अस्पताल ए पॉजिटिव 0
बी पॉजिटिव 4
ओ पॉजिटिव 1
एबी पॉजिटिव 0
ए निगेटिव 0
बी निगेटिव 0
ओ निगेटिव 0
एबी निगेटिव 0
मेडिकल कॉलेज ए पॉजिटिव 1
बी पॉजिटिव 8
ओ पॉजिटिव 9
एबी पॉजिटिव 5
ए निगेटिव 1
बी निगेटिव 0
ओ निगेटिव 1
एबी निगेटिव 1
वर्जन...
मौजूदा समय में रक्तकोष में 25 यूनिट ब्लड है। इसमें तीन यूनिट निगेटिव ग्रुप का रक्त उपलब्ध है। हाल ही में भाजपा पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं के शिविर से 21 यूनिट ब्लड प्राप्त हुआ है। इससे राहत मिली है। - डॉ. एमएल आर्या, ब्लड बैंक प्रभारी, मेडिकल कॉलेज।
ब्लड बैंक में अभी तीन यूनिट रक्त है। हालांकि, कोरोना काल में रक्त की मांग में कमी भी आई है। अब कोरोना संक्रमण कम होने लगा है। स्वयंसेवी संस्थाओं से बात की जा रही है। जल्द ही पर्याप्त उपलब्धता हो जाएगी। - डॉ. एमएस राजपूत, ब्लड बैंक प्रभारी, जिला अस्पताल।