अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। यूजी-पीजी के छात्रवृत्ति फाॅर्म के सत्यापन में तकनीकी खामियां आ रही थीं। अब इसकी बाध्यता खत्म कर दी गई है। छात्रवृत्ति फाॅर्म पहले की तरह ही विभाग को भेजे जाएंगे।
बीयू एवं संबद्ध कॉलेजों के हजारों विद्यार्थियों के छात्रवृत्ति फार्म का तकनीकी कारणों से बायोमैट्रिक सत्यापन नहीं हो पा रहा था। सत्यापन की अनिवार्यता के कारण फॉर्म समाज कल्याण विभाग को अग्रसारित नहीं हो पा रहे थे। बीयू व कॉलेज प्रशासन भी समाज कल्याण विभाग को समस्याओं से अवगत कराता रहा। इस कारण अंतिम तिथि भी बार-बार आगे बढ़ाई जा रही थी, जो अब 25 जनवरी है। शासन ने बायोमैट्रिक सत्यापन की अनिवार्यता को अब समाप्त कर दिया है। इसे अब अगले वर्ष से लागू करने की योजना है।