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अब नहीं डरेंगे हम, शोहदों को दिखा देंगे दम

Sat, 20 Feb 2016 12:40 AM IST
झांसी/ब्यूरो
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झांसी। अमर उजाला के ‘बेटी ही बचाएगी’ अभियान के तहत आयोजित 10 दिवसीय ‘आत्म रक्षा प्रशिक्षण शिविर’ का शुक्रवार को समापन हुआ। इस अवसर पर प्रतिभागियों ने जूडो-कराटे का प्रदर्शन कर बता दिया कि वह शोहदों से निपटने को तैयार हैं।
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ग्वालियर रोड स्थित वीरांगना झलकारी बाई राजकीय महिला पॉलीटेक्निक में आयोजित समापन समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि बुंदेलखंड क्षेत्र के प्राविधिक शिक्षा विभाग के संयुक्त निदेशक दिनेश मोहन सिंह एवं प्राचार्य एचके गुप्ता ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। इस दौरान छात्राओं ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की।

मुख्य अतिथि ने कहा कि अमर उजाला अपने नाम को सार्थक कर रहा है, जो बधाई का पात्र है। उन्होंने कहा कि छात्राएं फिटनेस, एकाग्रता व आत्म बल के लिए निरंतर जूडो-कराटे का अभ्यास करें। उन्होंने कहा कि छात्राएं अपनी ताकत का इस्तेमाल जिम्मेदारियों के साथ अपनी सुरक्षा के लिए करें।
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इस मौके पर उन्होंने घोषित किया कि रायबरेली में मार्च में आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में संस्था से दस सदस्यीय जूडो-कराटे प्रशिक्षण प्राप्त दल जाएगा, जो वहां प्रदर्शन करेगा।  

मुख्य अतिथि के संबोधन पश्चात समारोह में छात्राओं ने हथेली, कोहनी, पेन, किताब, बैग, दुपट्टा आदि वस्तुओं के माध्यम से विपरीत परिस्थितियों में स्वयं की रक्षा करने का शानदार प्रदर्शन किया।

इस अवसर पर शिविर में जाने माने कराटे एक्सपर्ट मेवालाल राजपूत (चौथा दान ब्लैक बेल्ट) तथा उनकी टीम की एक्सपर्ट पिंकी रायकवार व शाहीन परवीन के अलावा पन्नालाल, अरुण वर्मा आदि मौजूद रहे। अंत में आभार प्राचार्य ने जताया।

बेटियां ने साझा किए अनुभव
10 दिवसीय ‘आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर’ में सीखे आत्मरक्षा के तरीकों पर छात्राओं ने अपने विचार व्यक्त कर शिविर में मिले अनुभवों को अनमोल बताया।

आसानी से सीखे आत्मरक्षा के तरीके
सीमा मौर्य ने कहा कि शिविर में बहुत मजा आया। प्रशिक्षकों से सेल्फ डिफेंस के गुर आसानी से सीखने को मिले। वह जीवन भर आत्म रक्षा के तरीके नहीं भूलेंगी। वहीं, उन्होंने नियमित अभ्यास करने की भी बात कही।

आत्मबल अर्जित हुआ
आबदीना परवेज ने बताया कि सेल्फ डिफेंस शिविर में हमें पता चला कि आपात स्थिति में वह कैसे अपने हाथ, पैरों से बचाव कर सकती हैं। शिविर में भाग लेकर आत्म बल एवं साहस अर्जित हुआ है।

आज हम निर्भय हैं
खुशबू वर्मा ने कहा कि नारी किस प्रकार शक्ति का प्रतीक है, इसे बेहतर तरीके से जाना। वहीं, कराटे प्रशिक्षक मेवालाल एवं उनकी टीम का प्रशिक्षण मेरे जीवन में परिवर्तन लाया है और आज हम बेटियां निर्भय हैं।

निकिता अमरया ने कहा कि पहले मैं कमजोर महसूस करती थी, लेकिन आज अकेले ही किसी से भी निपट सकती हूं। शिविर में किस तरह साधारण वस्तुओं से अपनी रक्षा करने के साथ ही सब कुछ नया सीखा है।
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