- मोर्चरी में शिनाख्त के 72 घंटे खत्म होने की बाद जाएंगी एनाटॉमी विभाग
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। अब मोर्चरी में शिनाख्त के 72 घंटे खत्म होने के बाद लावारिस शव मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग लाए जाएंगे। इन लाशों से मेडिकल के छात्र तंत्रिकातंत्र का अध्ययन करेंगे और ऑपरेशन करना सीखेंगे। मेडिकल कॉलेज प्रशासन का कहना है कि पढ़ाई के लिए पर्याप्त लाश नहीं मिलने की वजह से यह फैसला लिया है।
देहदान के प्रति जागरूकता का अभाव होने की वजह से मेडिकल के छात्रों को प्रैक्टीकल करके ज्ञान अर्जित करने में दिक्कत होती है। एक वर्ष में मेडिकल कॉलेज को बमुश्किल तीन ही लाश मिल सकी हैं। ऐसे हालात के चलते मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने अहम फैसला लिया है। तय किया है कि अब 72 घंटे के बाद मोर्चरी में रखी अज्ञात लाश मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग में पहुंचाई जाएंगी। ऐसा नहीं होगा कि हर अज्ञात लाश पहुंचेगी। मोर्चरी से लाश लेने से पहले देखा जाएगा कि कहीं इसका हत्या अथवा हादसे से तो संबंध नहीं है क्योंकि ऐसी लाशें पुलिस केस से जुड़ी होती हैं। सीएमएस डॉ. सचिन माहुर ने बताया कि मेडिकल प्रशासन ने फैसला लिया है कि मोर्चरी में 72 घंटे से रखे शव मेडिकल कॉलेज अध्ययन के लिए जाएंगे। मगर उसी शव को मेडिकल कॉलेज लेगा, जिसमें किसी वारदात की आशंका नहीं होगी।