झांसी। शोरूम संचालकों को वाहन पंजीकरण नंबर जारी करने का काम सौंपे जाने के बाद अब फिटनेस का काम भी निजी हाथों में सौंपा जाएगा। सेंटर में ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग की जाएगी। इसके बाद साढ़े चार करोड़ की लागत वाली सेंसर युक्त मशीन से वाहन का फिटनेस जांचा जाएगा। इसके बाद प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा।
महानगर के अंबाबाय में 16 एकड़ की जमीन पर तीन करोड़ की लागत से फिटनेस सेंटर और मोटर ड्राइविंग इंस्टीट्यूट बनकर तैयार हो गया है। जहां पर अप्रैल से काम के शुरू होने की प्रक्रिया की संभावना है। जिले में कुल छह लाख दो हजार 543 वाहन पंजीकृत हैं, जिनमें कॉमर्शियल वाहनों की संख्या 38083 है। वहीं, निजी पांच लाख 64 हजार 460 वाहन हैं। अभी तक जिले में फिटनेस को परखने के पुख्ता व्यवस्था नहीं है। फिटनेस सेंटर बनने के बाद लोगों को आरटीओ के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। जिले के सभी वाहनों की फिटनेस इसी सेंटर पर की जाएगी।
फिटनेस का काम निजी हाथों में जाने वाला है। संभवत: अप्रैल तक शासन किसी निजी संस्था को फिटनेस का दायित्व सौंप देगी। इससे वाहनों की फिटनेस मशीनों से की जाएगी। - सत्येंद्र कुमार, एआरटीओ