झांसी। पहले फंगल इंफेक्शन (दाद) मुख्यत: जांघ में हुआ करता था, लेकिन अब यह पूरे शरीर को चपेट में ले रहा है। गर्मी और जीवन शैली में बदलाव से इसका दायरा बढ़ गया है। इन दिनों पड़ रही भीषण गर्मी की वजह से बच्चे और बड़े सभी तेजी से इसकी चपेट में आ रहे हैं। पिछले एक पखवाड़े के दरम्यान मेडिकल कालेज में इसके मरीजों की संख्या में खासी वृद्धि हुई है।
अप्रैल में ही पारा पैंतालिस डिग्री सेल्सियस के पार हो गया है। पिछले एक पखवाड़े से भीषण गर्मी पड़ रही है। दिन भर चटख धूप खिली रहती है। इससे लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। गर्मी के इस रुख से मौसम जनित बीमारियां भी तेजी से अपने पैर पसार रही हैं। बुखार, उल्टी और दस्त के मरीजों की तो अस्पतालों में बाढ़ सी आई हुई है। इसके अलावा फंगल इंफेक्शन का खतरा भी मंडरा रहा है।
यह लोगों के पूरे शरीर में तेजी से फैल रहा है। इसके अलावा पहले बच्चों के सिर में फंगल इंफेक्शन होता था, परंतु अब यह उनके शरीर के अन्य हिस्सों में भी नजर आ रहा है। इसमें त्वचा पर लाल गोल - चकत्ते हो जाते हैं, जिनमें जलन और खुजली होती है। यह संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने पर दूसरे को भी हो जाता है। पसीना और टाइट कपड़ों की वजह से लोग इसका शिकार हो रहे हैं।
महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कालेज के असिस्टेंट प्रोफेसर डा. प्रतीक शिवहरे ने बताया कि अस्पताल के चर्म रोग विभाग की ओपीडी में रोजाना सवा सौ से डेढ़ सौ मरीज आते हैं। पिछले कुछ दिनों से इनमें से अस्सी फीसदी मरीजों में फंगल इंफेक्शन पाया जा रहा है। इसके गोल - गोल लाल चकत्ते पूरे शरीर में पाए जा रहे हैं, जबकि पहले यह प्राय: जांघों में ही पाया जाता था। खास बात यह है कि पहले ये पंद्रह - बीस दिन में ठीक हो जाता था, परंतु अब इसे ठीक होने में दो - तीन महीने तक लग जाते हैं।
बरतें यह सावधानी
- गर्मी में सूती और ढीले कपड़े पहने
- अंडरगार्मेंट भी ढीले और सूती हों
- पसीने से गीले कपड़े न पहनें
- सुबह और शाम नहाएं
- अपने मन से दवा न करें, चिकित्सक से सलाह लें
45.2 डिग्री रहा तापमान
रविवार को अधिकतम तापमान में मामूली कमी आई। मौसम विभाग ने 45.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया। जबकि, बीते रोज शनिवार को यह 45.3 डिग्री पर था। न्यूनतम तापमान 31 डिग्री ही रहा। सुबह से शाम तक तीखी धूप खिली रही और गर्म हवा चलती रहीं। इससे लोगों को भीषण गर्मी का सामना करना पड़ा। मौसम वैज्ञानिक डा. मुकेश चंद्र ने बताया कि दो - तीन दिन तक मौसम का यही मिजाज रहने की संभावना है। इसके बाद थोड़ा परिवर्तन होगा। तापमान में कमी आने की उम्मीद है।