अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। कार्यदायी संस्था की लेटलतीफी से मेडिकल कॉलेज में 500 बेड के अस्पताल की शुरुआत का समय बढ़ता जा रहा है। अभी तक फायर एनओसी भी नहीं मिली है। जिससे एसी सिस्टम का ट्रायल भी नहीं हुआ है। अब मई में हैंडओवर का दावा किया जा रहा है। मेडिकल कॉलेज प्रशासन का कहना है कि बिल्डिंग हैंडओवर नहीं होने से अस्पताल शुरू होने में देरी हो रही है। हैंडओवर होने के 20 दिन में अस्पताल शुरू कर देंगे।
मेडिकल कॉलेज परिसर में 500 बेड के अस्पताल की अत्याधुनिक बिल्डिंग करीब पांच माह पहले बनकर तैयार हो गई है। जिसे जल्द शुरू करने के शासन-प्रशासन लगातार निर्देश दे रहा है। वहीं, कार्यदायी संस्था की लेटलतीफी दूर होने का नाम नहीं ले रही है। ये हालात तब है जबकि मंडलायुक्त ने फरवरी में बिल्डिंग हैंडओवर करने के आदेश दिए थे। सूत्र के अनुसार कार्यदायी संस्था को बिजली विभाग के सुरक्षा निदेशालय के साथ-साथ नगर निगम ने लिफ्ट की एनओसी दे दी है। अभी तक फायर की एनओसी नहीं मिली सकी है, जिसके आठ अप्रैल को मिलने की उम्मीद है। इसके बाद कम से कम 20 दिन एसी सिस्टम का ट्रायल होगा। तब कहीं जाकर कार्यदायी संस्था हैंडओवर करेगी, जो मई के अंत तक संभव है। वहीं, कॉलेज प्रशासन का कहना है बिल्डिंग हैंडओवर होने के बाद 20 दिन के अंदर अस्पताल का शुरू कर दिया जाएगा। अस्पताल शुरू करने को लेकर सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई है।
कार्यदायी संस्था के अभियंता एसके अग्निहोत्री का कहना है आठ अप्रैल को फायर एनओसी मिल जाएगी। इसके बाद एसी सिस्टम का कम से कम 20 दिन ट्रायल होगा। इसके बाद ही हैंडओवर की प्रक्रिया शुरू होगी। कॉलेज प्राचार्य डॉ. मयंक सिंह का कहना है कि शासन जल्द से जल्द अस्पताल शुरू करना चाहता है। जब कार्यदायी संस्था बिल्डिंग देगी, उसके 20 दिन के अंदर अस्पताल शुरू करवा दिया जाएगा।