- दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के मैनेजिंग डायरेक्टर ने फाल्ट डिटेक्टर खरीदने को दी क्लीन चिट
- अफसरों ने बताया, फाल्ट सही करने से ज्यादा समय लगता है तलाशने में
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। अब फाल्ट तलाशने के लिए बिजली कर्मियों को कई किमी. पेट्रोलिंग नहीं करनी होगी, न लोगों को कई-कई घंटे बिजली संकट झेलना होगा। बिजली विभाग फाल्ट डिटेक्टर मशीन खरीदने जा रहा है। इससे चंद मिनट में फाल्ट का पता चलेगा और बिजली कर्मी दुरुस्त कर आपूर्ति सुचारु कर देंगे।
दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के मैनेजिंग डायरेक्टर नितीश कुमार ने निर्बाध आपूर्ति देने और फाल्ट का तत्काल पता लगाकर दुरुस्त करने के आदेश दिए। अधीक्षण अभियंता चंद्रजीत प्रसाद ने बताया कि फाल्ट को दुरुस्त करने में जितना समय लगता है, उससे ज्यादा समय फाल्ट तलाशने में लगता है। बिजली गुल होने पर जनता लगातार शिकायतें करती है तो कर्मचारी फाल्ट तलाशने में परेशान होते हैं। फाल्ट को जल्द सही करने का एकमात्र विकल्प फाल्ट डिटेक्टर मशीन है। यह मशीन करीब 15 लाख रुपये में आएगी, जो पूरे शहर के लिए पर्याप्त है। मुख्य अभियंता ने बताया कि फाल्ट डिटेक्टर मशीन खरीदने का मसला मैनेजिंग डायरेक्टर के सामने रखा था, जिस पर उनकी सहमति मिल गई है। जल्द ही इसे खरीदने की दिशा में प्रयास किया जाएगा।
0- ऐसे काम करेगा फाल्ट डिटेक्टर
जिल लाइन पर फाल्ट होगा, उसके ट्रांसफार्मर के पास लाइन पर मशीन लगाई जाएगी। सेंटर के माध्यम से मशीन बताएगी कि ट्रांसफार्मर से कितने मीटर की दूरी पर फाल्ट हुआ है। इसके माध्यम से टीम मौके पर पहुंचकर काम शुरू कर देगी।
0- लाइनमैनों को दिए वोल्टेज टेस्टर
मुन्नालाल पावर हाउस के अधिशासी अभियंता रविंद्र कुमार ने बारिश से खंभों में करंट आने अथवा हाईटेंशन लाइनों से बचाव के लिए पांच लाइनमैन को वोल्टेज टेस्टर दिए हैं। यह टेस्टर हाईटेंशन लाइन अथवा करंट आ रहे खंभे के पास पहुंचते ही आवाज करने लगता है। और लाइनमैन को पता चल जाता है कि नजदीक में करंट का खतरा है। अधिशासी अभियंता रविंद्र ने बताया कि इससे लाइनमैन सुरक्षित होकर काम कर सकेंगे।