झांसी। अब महिला जिला अस्पताल में सर्पदंश अथवा कुत्ते के काटने की शिकार महिलाओं का प्राथमिक उपचार होगा। इसके लिए प्रशासन ने एंटी स्नेक वेनम और एंटी रैबीज वैक्सीन उपलब्ध करा दी है
प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग ने ईडीएल (इसेंशियल ड्रग लिस्ट) में एंटी स्नेक वेनम और एंटी रैबीज वैक्सीन को शामिल कर लिया है, जिसके चलते अब प्रत्येक सरकारी स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी, सीएचसी) तथा महिला व पुरुष जिला अस्पतालों में भी दोनों वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित करवा दी गई है। सभी को निर्देश दिए गए हैं कि यदि सर्पदंश अथवा कुत्ते के काटने का कोई भी पीड़ित आता है, तो उसे रेफर करने के बजाय सबसे पहले वैक्सीन लगाई जाएगी। सीएमएस डॉ. राजनारायण ने बताया कि अस्पताल में एंटी स्नेक वेनम और एंटी रैबीज वैक्सीन उपलब्ध हो गई है। जैसे ही कोई सर्पदंश व कुत्ते के काटने की शिकार महिला आएगी, वैसे ही वैक्सीन देने के बाद ही उसे रैफर किया जाएगा।
गंभीर एनेमिक गर्भवती महिलाओं को लगने लगे एफसीएम इंजेक्शन
झांसी। महिला जिला अस्पताल में गंभीर एनीमिया की शिकार महिलाओं को एफसीएम (फेरिक कार्बोक्सी माल्टोज) इंजेक्शन लगना शुरू हो गए हैं। एक माह के अंदर 13 महिलाओं को यह इंजेक्शन लगाने का दावा किया जा रहा है।
गर्भावस्था में समुचित पौष्टिक खान-पान नहीं होने की वजह से महिलाओं के शरीर में खून (हीमोग्लोबिन) कम हो जाता है। हीमोग्लोबिन अधिक कम होने पर आयरन सुक्रोज इंजेक्शन दिया जाता है, जिससे धीमी गति से खून बढ़ता है। जब हालात काफी चिंताजनक होते हैं, तब एफसीएम इंजेक्शन लगाया जाता है। इसको डॉक्टर की देखरेख में लगाया जाता है ताकि किसी भी तरह का खतरा न हो। इसके लिए गर्भवती महिलाओं को एक से दो घंटे तक भर्ती रखा जाता है। एसआईसी डॉ. राजनारायण ने बताया कि एक माह के अंदर 13 गर्भवती महिलाओं को एफसीएम इंजेक्शन लगाए जा चुके हैं।