भारत निर्वाचन आयोग ने इस बार विधानसभा चुनाव में मतदाताओं को जागरूक करने के लिए मतदाता पर्ची को नए अंदाज में देने का निर्णय लिया है। वोटर पर्ची एक तरह से वोटर गाइड का काम करेगी। पर्ची के साथ एक फोल्डर रहेगा। इसमें हेल्पलाइन नंबर और बीएलओ की डिटेल भी होगी। मतदाताओं को यह वोटर गाइड मतदान से पांच दिन पहले ही उपलब्ध कराई जाएगी।
मतदाता पर्ची में वोटर का नाम, पता, विधानसभा क्षेत्र की संख्या रहती है। इस पर्ची का उपयोग मतदाता अपना नाम वोट डालने के दौरान मतदाता सूची से मिलान करने के लिए करता है। लेकिन, अबकी बार विधानसभा चुनाव में नई व्यवस्था की जा रही है। वोटर पर्ची के साथ कागज का एक फोल्डर मिलेगा, इस फोल्डर में बूथ लेबल आफीसर का नाम व मोबाइल नंबर रहेगा, ताकि जरूरत पड़ने पर उससे संपर्क किया जा सके। इसके अलावा वोटर गाइड में मतदान का समय रहेगा। यदि कोई दुर्घटना हो जाती है अथवा चुनाव संबंधी कोई दिक्कत आती है तो उस पर हेल्प लाइन नंबर भी दर्ज होगा, जिसके माध्यम से मतदाता को मदद मिल जाएगी। मतदाताओं का पूरा परिचय उस पर दर्ज होगा, जिसमें उम्र, पता और मकान नंबर की जानकारी रहेगी। मतदाता पर्ची पर एक तरह से मतदाता का पूरा आईडेंटिफिकेशन होगा।
यह वोटर गाइड मतदान के पांच दिन पहले सभी मतदाताओं को दिया जाएगा। इसे घर-घर जाकर बांटा जाएगा तथा वितरण के बाद संबंधित गृहस्वामी अथवा मतदाता के हस्ताक्षर कराए जाएंगे। वितरण के बाद रजिस्टर की जांच की जाएगी कि बीएलओ ने अपना काम किया अथवा नहीं।
70 लाख रुपये खर्च होंगे
निर्वाचन आयोग ने पहली बार वोटर गाइड छपवाने का निर्णय लिया है। इसके लिए निर्वाचन आयोग ने पांच रुपये प्रति फोल्डर के हिसाब से रेट तय कर दिया है। जिले में कुल 14,59,611 मतदाता हैं। यदि प्रति फोल्डर पांच रुपये खर्च के हिसाब से देखें तो 70 लाख रुपये से ज्यादा का खर्च आएगा।
मतदाता जागरूक होंगे
मतदाताओं को जागरूक करने के लिए नए वोटर गाइड का इस्तेमाल किया जाएगा। इसमें वोटर पर्ची तो रहेगी ही, एक फोल्डर में अन्य जानकारियां रहेंगी। इससे मतदाता जागरूक होंगे। निर्वाचन आयोग का प्रयास है कि सभी मतदाता जागरूक हों और सभी मतदान करें।
- रमाशंकर गुप्ता, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी