झांसी। क्षेत्र पंचायत सदस्यों का कार्यकाल आधी रात से खत्म हो गया। उनके साथ ही, झांसी के सभी आठ और ललितपुर के सभी छह ब्लॉक प्रमुखों का कार्यकाल भी समाप्त हो गया। कार्यकाल खत्म होते ही उनके स्थान पर इन ब्लॉकों में एसडीएम को प्रशासक बना दिया गया। आधी रात से ब्लॉक प्रमुखों के डोंगल भी डि-एक्टिवेट कर दिए गए। क्षेत्र पंचायत सदस्योें का कार्यकाल भी आधी रात से खत्म हो गया।
झांसी जनपद में कुल 599 क्षेत्र पंचायत सदस्यों को 17 मार्च 2015 को शपथ दिलाई गई थी। उनके साथ ही यहां आठ ब्लॉक एवं ललितपुर के छह ब्लॉकों में ब्लॉक प्रमुख भी चुने गए थे। इन सभी का कार्यकाल आज पूरा हो गया। कार्यकाल का आखिरी दिन होने के नाते ब्लॉक में कामकाज निपटाने की पूरे दिन होड़ रही। ब्लॉक प्रमुख कार्यकाल खत्म होने से पहले अपने कराए कार्यों का भुगतान कराने में जुटे रहे।
आधी रात तक अपने डोंगल के जरिए भुगतान किए गए। भुगतान को लेकर डीपीआरओ कार्यालय में भी सरगर्मी रही। वहीं, कार्यकाल खत्म होने के साथ ही संबंधित एसडीएम को प्रशासक बनाए जाने संबंधी शासनादेश भी आ गया है। आधी रात को कार्यकाल खत्म होने के बाद सभी ब्लॉकों में एसडीएम को प्रशासक बना दिया गया। ब्लॉक प्रमुखों के डोंगल भी आधी रात के बाद डि-एक्टिवेट कर दिए गए।
अब निवर्तमान हो गए ब्लॉक प्रमुख
बबीना कल्याण
मोंठ चरण सिंह
बड़ागांव कैलाश नारायण
चिरगांव रामदेवी
बंगरा शशि
मऊरानीपुर हेमलता
बामौर शंकुतला सिंह
गुरसराय मुकेश कुमार
ललितपुर के निवर्तमान हुए ब्लॉक प्रमुख
विरधा जयराम सिंह
जखौरा कैलाश
तालबेहट ऊषा रानी
मड़ावरा चंद्रदीप
बार सविता
महरौनी देवेंद्र प्रताप सिंह
एक को छोड़कर सभी हुए थे निर्विरोध
ब्लॉक प्रमुख पद के लिए सिर्फ चिरगांव ब्लॉक छोड़कर सभी जगह निर्विरोध ही ब्लॉक प्रमुख चुने गए। चिरगांव ब्लॉक की सीट अन्य पिछड़ा वर्ग महिला को आरक्षित थी। यहां से तीन उम्मीदवारों के चुनावी मैदान में कूदने से चुनाव कराना पड़ा, जिसमेें रामदेवी चुनी गईं जबकि बबीना, मोंठ, बड़ागांव, बंगरा, मऊरानीपुर, बामौर एवं गुरसराय के ब्लॉक प्रमुख निर्विरोध ही चुन लिए गए। इन आठ ब्लॉकों मेें भी सपा का बहुमत रहा।
ब्लॉक प्रमुखों के पर कतरने की भी हुई कोशिश
पंचायती राज अधिनियम में ब्लॉक प्रमुखोें को भी वित्तीय अधिकार दिए गए हैं लेकिन, पिछले वर्ष सरकार ने संशोधन करते हुए उनके वित्तीय अधिकार कम कर दिए थे। इसको लेकर पूरे प्रदेश के ब्लॉक प्रमुख लामबंद हो गए। अधिकारों की कटौती पर ब्लॉक प्रमुखों ने शासन पर दबाव बनाया, जिसके चलते शासन को अपना निर्णय बदलने को मजबूर होना पड़ा। इसे ब्लॉक प्रमुखों के पर करतने की कोशिश के तौर पर देखा गया।
एक नजर में पंचायत
ग्राम पंचायतें 496
निर्वाचित ग्राम प्रधान 494
ब्लॉक 8
पंचायत सदस्य 6170
क्षेत्र पंचायत सदस्य 599
जिला पंचायत सदस्य 24