झांसी। राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 44 पर झांसी-ग्वालियर हाईवे पर अब अन्ना जानवर नहीं नजर आएंगे। हाईवे पर लगातार अन्ना जानवरों के घूमने और बैठे रहने से हो रहे हादसों को रोकने के लिए सड़क परिवहन मंत्रालय ने एनएचएआई को दोनों ओर बैरिकेड लगाने के निर्देश दिए हैं। इसका काम जल्द शुरू होगा।
झांसी से ग्वालियर के बीच 105 किमी लंबे हाईवे पर आए दिन अन्ना जानवर दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं। हाईवे पर एक साल में करीब 900 गोवंश वाहनों की चपेट में आकर जान गवां चुके हैं। वहीं यातायात व्यवस्था भी बिगड़ रही है। इसे लेकर सड़क परिवहन मंत्रालय ने हाईवे को अन्ना जानवर मुक्त बनाने के निर्देश दिए हैं। मंत्रालय स्तर से एनएचएआई अधिकारियों को हाईवे के दोनों ओर बैरिकेड लगाने को कहा गया है। ताकि दुर्घटनाएं भी कम हों और यातायात व्यवस्था सुधर सके।
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नितिन गडकरी का काफिला हुआ था प्रभावित
पिछले महीने 15 सितंबर को सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ग्वालियर आए थे। इस दौरान शाम को अचानक उनका दतिया में मां पीतांबरा के दर्शन के लिए जाने का कार्यक्रम बना। ग्वालियर से दतिया जाते वक्त हाईवे पर कई स्थानों पर सड़क परिवहन मंत्री का काफिला अन्ना जानवरों की वजह से प्रभावित हुआ। साथ ही जिला प्रशासन को भी अन्ना जानवरों को हटाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। केंद्रीय मंत्री के काफिले के दौरान अन्ना जानवर आने को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने प्रशासन से जवाब भी मांगा।
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जैन समाज की संस्था कर रही काम
हाईवे पर दुर्घटना का शिकार हो रहे अन्ना जानवरों की समस्या को लेकर जैन समाज की संस्था दया भावना फाउंडेशन और आचार्य विद्यासागर गो उपचार संस्था काम कर रही है। संस्था के झांसी शाखा के प्रतिनिधि शुभम जैन बताते हैं कि झांसी-ग्वालियर हाईवे पर आए दिन अन्ना जानवर घायल और मृत अवस्था में मिलते हैं। झांसी रेंज में ही जुलाई से अब तक 70 गोवंश घायल मिले हैं। बैरिकेड लगने से गोवंश हादसों के शिकार नहीं होंगे।
झांसी-ग्वालियर हाईवे पर गोवंशों के मरने और घायल होने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इसे लेकर सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से हाईवे के दोनों ओर बैरिकेड लगवाने के लिए कहा था। इस पर उन्होंने पत्र जारी कर एनएचएआई को निर्देश दिए हैं।
- विवेक शेजवलकर, सांसद, ग्वालियर