मानकों की अनदेखी कर रहे नर्सिंगहोम संचालक अब चौतरफा घिर गए हैं। जेडीए, अग्निशमन विभाग के बाद अब स्वास्थ्य विभाग ने भी कार्रवाई के लिए कमर कस ली है। 20 अगस्त तक अस्पतालों से चार बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी गई है। इसके बाद सीएमओ की टीम अस्पतालों में छापेमारी करेगी।
सीएमओ ने कुछ दिन पूर्व सभी अस्पतालों को पत्र लिखकर सुरक्षा समेत सभी मानकों पर आधारित रिपोर्ट एक सप्ताह में देने के निर्देश दिए थे। इस दौरान नर्सिंम होम संचालक सीएमओ से मिले और उनसे रिपोर्ट देने की समयसीमा बढ़ाने की मांग की। सीएमओ ने एक सप्ताह की मोहलत बढ़ा दी है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुरेश सिंह ने बताया कि अस्पतालों से जेडीए से पास नक्शा, फायर ब्रिगेड विभाग की एनओसी, प्रदूषण विभाग से बायोमेडिकल वेस्ट की एनओसी समेत चार बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट देने की अंतिम सीमा बीस अगस्त है। निर्धारित समय में रिपोर्ट नहीं मिलती है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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नर्सिंग होम में जिम भी
अस्पताल संचालकों के आगे लगता है कि पूर्ववर्ती प्रशासनिक अधिकारियों ने घुटने टेक रखे थे। एक तरफ डंके की चोट पर आवासीय नक्शे पर अस्पताल चल रहा है। दूसरी तरफ ‘दुकानदारी’ भी जोरों पर है। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के पास बने एक अस्पताल में ऊपरी मंजिल पर जिम भी चल रही है। सूत्रों ने बताया कि अस्पताल संचालक इसका मासिक किराया भी 20-25 हजार रुपये वसूलाता है। पता नहीं क्यों जिम्मेदार चुप्पी साधे बैठे हैं।
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सरकारी विभागों की सात दिन में मांगी रिपोर्ट
शासन ने सात दिन में सरकारी विभागों में सुरक्षा इंतजामों की रिपोर्ट देने को कहा है। ऐसे में अग्निशमन विभाग द्वारा फायर ऑडिट किया जा रहा है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी महावीर सिंह ने बताया कि फायर बिग्रेड विभाग सरकारी भवनों की जांच कर रहा है। जहां कमियां मिलेंगी, शासन उसके लिए बजट देगा।