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अब मेडिकल कॉलेज में कोरोना जांच के लिए करना होगा भुगतान

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झांसी। कोराना की वैक्सीन आते ही शासन ने अब कोरोना वायरस की जांच पर शुल्क वसूलने का आदेश जारी कर दिया है। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज दिखाने आने वाले सभी मरीजों को नियमानुसार कोरोना जांच करानी होगी। इसके लिए भुगतान करना होगा। शासन ने 300 से लेकर 1500 रुपये दरें तय कर दी हैं। अब तक जांच निशुल्क हो रही थी। हालांकि, इमरजेंसी, फ्लू ओपीडी, कैंसर और डिलीवरी कराने के लिए आने वाले मरीजों की निशुल्क जांच ही होगी। वहीं, कुछ श्रेणियों में अनुदानित दरों पर भी जांच होंगी।
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नॉन कोविड उपचार के लिए आरटीपीसीआर, ट्रू नेट मशीनों से कोरोना वायरस की जांच दरों में कुछ बदलाव किया गया है। शासन की तरफ से सभी मेडिकल कॉलेजों को जारी आदेश में कहा गया है कि इमरजेंसी, फ्लू ओपीडी, ऑब्स गायनी के ऐसे मरीज जिनका प्रसव व एलएससीएच होना है, ओपीडी में सिकाई व लीनियर एक्सीलेंटर कराने वाले कैंसर रोगियों की आरटीपीसआर या ट्रू नेट जांच निशुल्क ही होगी। वहीं, आकस्मिक परिस्थिति में कॉलेज प्राचार्य भी जांच निशुल्क करने की अनुमति दे सकते हैं।
इसके अलावा नॉन कोविड उपचार के प्रकरणों में कोविड जांच के लिए दरें निर्धारित कर दी गई हैं। आरटीपीसीआर जांच 600 रुपये में होगी। जबकि, ट्रू नेट जांच 1500 की ही रहेगी। इसके अलावा आरटीपीसीआर से जांच करने की स्थिति में कुछ श्रेणियों में निशुल्क अथवा अनुदानित दरों पर भी होंगी। डायलिसिस व कैंसर मरीजों और उनके एक अटेंडेंट के लिए कोविड जांच की अनुदानित आरटीपीसीआर कोविड जांच 300 रुपये में होगी।
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थैलीसीमिया या हीमोफीलिया के मरीज, आयुष्मान योजना में पंजीकृत मरीज, जिन मरीजों का अन्य किसी योजनाओं में निशुल्क उपचार हो रहा हो उनकी और अटेंडेंट की आरटीपीसीआर जांच निशुल्क की जाएगी। अनुदानित अथवा निशुल्क दरें तभी लागू होंगी, जब जांच न्यूनतम सात दिन के अंतराल में की जाएं। मेडिकल कॉलेज में कोविड के नोडल अधिकारी डॉ. सुधीर कुमार ने बताया कि शासनादेश जारी होने के बाद, उसका अनुपालन शुरू कर दिया गया है।
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