सीएमओ दफ्तर में मंगलवार को प्रसव बाद हुई पांच महिलाओं की मौत पर जिला मातृ मृत्यु समीक्षा समिति ने मंथन किया। प्रसव बाद दो महिला की सेप्टिसीमिया और तीन की मौत किडनी की गंभीर बीमारी से होने की बात सामने आई।
नोडल अधिकारी डॉ. एनके जैन ने बताया कि हर मातृ मृत्यु केस का विश्लेषण किया जाता है ताकि भविष्य में रणनीति बनाई जा सके। जिन पांच मातृ मृत्यु केस का विश्लेषण किया है, वह प्रसव बाद की है। स्पष्ट हुआ है कि जागरूकता या भ्रांतियों की वजह से समय से उपचार नहीं मिला, जिससे बीमारी जानलेवा हो गई। सीएमओ डॉ. सुधाकर पांडेय ने सभी अधीक्षक व प्रभारी चिकित्सा अधिकारी से कहा कि उच्च जोखिम वाली गर्भवती की सतत निगरानी आशा व एएनएम से कराना सुनिश्चित करें।
सुरक्षित प्रसव के बाद 42 दिनों तक फॉलोअप अवश्य करें। जज्जा-बच्चा को कोई खतरा दिखे तो तत्काल उच्च चिकित्सा इकाई पर ले जाने की सलाह दें। बैठक में मेडिकल कॉलेज की डॉ. दिव्या जैन, डिप्टी सीएमओ डॉ. रमाकांत स्वर्णकार, पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट डॉ. उत्सव राज मौजूद रहे। ,