झांसी। रेलवे ट्रेनों की गति बढ़ाने के लाख दावे करे लेकिन, जिस तरह ट्रेनें घंटों की देरी से चल रही हैं, उससे सभी दावे खोखले दिखाई दे रहे हैं। यात्री गुहार लगा रहे हैं कि ट्रेनों के देरी से चलने के चलते उनकी आगे की यात्रा प्रभावित हो रही है। सबसे अधिक खीझ उन यात्रियों में है, जो स्पेशल ट्रेन में सामान्य के मुकाबले दोगुना किराया दे रहे हैं और ट्रेन कई घंटे की देरी से चल रही है।
थिक वेब स्विच, आधुनिक संचार माध्यम, जीपीएस और इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग से ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने के दावे की पोल दिल्ली, कानपुर, गोरखपुर, मुंबई, अहमदाबाद, हैदराबाद जैसे महानगरों से आने वाली ट्रेनें खोल रही हैं। तीन से 13 घंटे तक की देरी से चल रहीं ट्रेनों ने यात्रियों को बुरी तरह परेशान कर दिया है। जिन यात्रियों ने सोचा कि सामान्य एक्सप्रेस की जगह वह यदि स्पेशल ट्रेन में दाेगुना किराया देकर यात्रा करें तो शायद समय पर अपनी मंजिल तक पहुंच जाएंगे, उन्हें भी निराशा ही हाथ लग रही है। पीआरओ मनोज कुमार सिंह का कहना है कि विकास कार्यों से ट्रेनों का संचालन प्रभावित है।
देरी से चल रहीं ये ट्रेनें
मंगला लक्षद्वीप एक्सप्रेस 12.20 घंटे।
गोरखपुर एक्सप्रेस 9.30 घंटे।
अंबेडकर नगर एक्सप्रेस 8.30 घंटे।
हैदराबाद स्पेशल एक्सप्रेस 7.30 घंटे।
हीराकुंड एक्सप्रेस 6 घंटे।
नांदेड़ एक्सप्रेस 5 घंटे।
सिकंदराबाद दूरंतो एक्सप्रेस 4 घंटे।
सचखंड एक्सप्रेस 4 घंटे।
बरौनी स्पेशल एक्सप्रेस 3.30 घंटे।
अहमदाबाद स्पेशल एक्सप्रेस 3.30 घंटे।
यशवंतपुर संपर्क क्रांति एक्सप्रेस 3.30 घंटे।
सिकंदराबाद स्पेशल एक्सप्रेस 3 घंटे।
महबूब नगर स्पेशल एक्सप्रेस 2.30 घंटे।
उत्कल एक्सप्रेस 2 घंटे।
साबरमती एक्सप्रेस 2 घंटे।
मद्रास राजधानी एक्सप्रेस 1.30 घंटे।