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Jhansi News: अब बगैर सत्यापन कराए ही अब गेहूं बेच सकेंगे किसान

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अमर उजाला ब्यूरो
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झांसी। सरकार की लाख कोशिशों के बावजूद गेहूं खरीद रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है। इसको देखते हुए अब बगैर सत्यापन कराए ही किसानों से गेहूं खरीद कराने को कहा गया है। एफसीआई अफसरों का दावा है इस नई व्यवस्था से गेहूं खरीद में तेजी आएगी।
केंद्रीय पूल में गेहूं का स्टॉक सात साल के निचले स्तर पर पहुंच चुका। इसको देखते हुए सरकार इस दफा बड़ी मात्रा में गेहूं खरीद करने की कोशिश में है लेकिन, लाख जतन के बावजूद सरकारी क्रय केंद्रों की ओर किसान नहीं आ रहे हैं। ऐसे में खरीद प्रक्रिया को तेज करने के लिए सौ क्विंटल से अधिक की खरीद पर होने वाले सत्यापन प्रक्रिया को भी अब खत्म कर दिया गया।
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अभी तक सौ क्विंटल से अधिक गेहूं को क्रय केंद्रों में बेचने के लिए किसानों को खसरा एवं किसान बही का सत्यापन कराना होता था। जमीन और उत्पादकता के आधार पर सत्यापन होता था। इससे बचने को किसान क्रय केंद्रों की जगह मंडी में गेहूं बेच देते थे। ऐसे में अब सौ क्विंटल से अधिक खरीद पर होने वाले इस सत्यापन प्रक्रिया को खत्म कर दिया गया। एफसीआई अफसरों का मनाना है कि इससे खरीद में तेजी आएगी।

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इस प्रक्रिया के खत्म होने से किसानों को फायदा होगा। सत्यापन प्रक्रिया की वजह से कई दफा किसानों को भुगतान भी समय पर नहीं मिल पाता था। अब उनको समय पर भुगतान भी मिल सकेगा। गेहूं खरीद में भी इससे तेजी आएगी।
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पुष्पेंद्र सिंह, जिला प्रबंधक, एफसीआई

इनसेट
45 हजार क्विंटल की हो सकी खरीद
गेहूं खरीद रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है। मार्च से केंद्र खुलने के बावजूद अभी तक मंडल में महज 45 हजार क्विंटल गेहूं ही खरीदा जा सका। मंडल में सबसे अधिक गेहूं खरीद जालौन में हुई है जबकि झांसी खरीद में दूसरे एवं ललितपुर तीसरे स्थान पर है। इस दफा मंडल के लिए 2.94 लाख क्विंटल गेहूं खरीद का लक्ष्य तय किया गया है। जिस रफ्तार से खरीद हो रही है, उसके मुताबिक लक्ष्य पूरा हो पाना अभी मुश्किल नजर आ रहा है।


इनसेट
अब तक हुई खरीद
जनपद क्रय केंद्र की संख्या किसान कुल खरीद (क्विंटल में)
झांसी 79 3267 17390
ललितपुर 49 1455 8721
जालौन 81 3564 19500
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