अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। मां की डांट और भाई की पिटाई से क्षुब्ध होकर घर छोड़कर महाराष्ट्र से आई किशोरी झांसी में मिली। इसके बाद बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) ने किशोरी की समझाइश कर उसे उसके परिजनों के हवाले कर दिया।
महाराष्ट्र के सोलापुर की निवासी कक्षा नौ में पढ़ने वाली 14 वर्षीय किशोरी की आगरा के एक युवक से दोस्ती हो गई थी। युवक किशोरी के घर के पास एक प्रिंटिंग प्रेस में काम करता था। इसकी जानकारी होने पर मां ने किशोरी की डांट लगाई, जबकि भाई ने उसकी पिटाई कर दी थी। इससे क्षुब्ध होकर किशोरी 18 अप्रैल को घर से निकलकर स्टेशन पहुंच गई थी। स्टेशन पर पहुंचकर किशोरी ने युवक को भी बुला लिया था। दोनों टिकट लेकर आगरा जाने की तैयारी में थे। ट्रेन के झांसी पहुंचने पर किशोरी को जीआरपी ने गाड़ी से उतार लिया था। इसके बाद चाइल्ड लाइन के माध्यम से उसे सीडब्ल्यूसी के समक्ष पेश किया गया। सीडब्ल्यूसी के अध्यक्ष राजीव शर्मा ने बताया कि किशोरी के परिजनों को झांसी बुलाया गया था। इसके बाद उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।