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अब वजन और लंबाई के अनुपात से तय होगा कुपोषण

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झांसी। कुपोषण मापने के पैमाने में फेरबदल की तैयारी है। अभी कुपोषित बच्चे वजन एवं उम्र के अनुपात से मापे जाते हैं लेकिन, अब इसमें बदलाव किया जाएगा। नई व्यवस्था में लंबाई एवं वजन के अनुपात को आधार बनाया जाएगा। नवजात शिशुओं की लंबाई नापने को खासतौर से इस्ट्रिडीओ मीटर भी मंगाए जा रहे हैं।
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कुपोषण से निपटने को ऐसे बच्चों को न सिर्फ पोषाहार वितरित किया जाता है बल्कि कुपोषित बच्चों को चिन्हित करने के लिए खास तौर से अभियान चलाया जाता है। मौजूदा व्यवस्था में आयु एवं वजन के अनुपात के आधार पर कुपोषण का निर्धारण होता है। मानक के मुताबिक नवजात शिशु के जन्म के समय वजन 2.5 किग्रा होना चाहिए लेकिन, इससे कुपोषितों की सटीक पहचान नहीं हो पाती थी। अब उम्र की जगह लंबाई को आधार बनाया जाएगा। अधिकारियों का कहना था पोषण की सटीक पहचान वजन एवं लंबाई के आधार पर हो सकती है लेकिन, नवजात शिशुओं की लंबाई सटीक तरीके से नापने के उपकरण न होने की वजह से इसको प्रयोग में नहीं ला जा रहा था। अब सरकार ने नई व्यवस्था को लागू करने का फैसला किया है। इसके लिए लंबाई नापने में उपयोग आने वाले इस्ट्रिडीओ मीटर भी मंगवाए जा रहे हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी नरेंद्र कुमार के मुताबिक जल्द ही नए उपकरण मिल जाएंगे। नए वित्तीय वर्ष से इसके लागू हो जाने की उम्मीद है। बता दें, जनपद में करीब 14369 कुपोषित बच्चे पाए गए हैं।
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