फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अब मेडिकल कॉलेज में ही दान कर सकेंगे प्लाज्मा, मशीन आई

विज्ञापन
विज्ञापन
झांसी। कोरोना को मात दे चुके लोग अब महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में ही प्लाज्मा दान कर सकेंगे। इसके लिए प्लाज्मा एफेरेसिस मशीन आ गई है। मशीन चालू करने से पहले औषधि प्रशासन विभाग का लाइसेंस जरूरी होता है, ऐसे में मंगलवार को औषधि निरीक्षक की तरफ से निरीक्षण भी किया गया। इस दौरान सभी मानक पूरे मिले। एक-दो दिन में मशीन के संचालन के लिए लाइसेंस जारी हो सकता है।
विज्ञापन

देश भर में प्लाज्मा थेरेपी के सकारात्मक परिणाम सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने सभी मेडिकल कॉलेजों में प्लाज्मा थेरेपी शुरू करने के निर्देश दिए थे। सरकार के आदेश के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने प्लाज्मा बैंक की अनुमति के लिए आईसीएमआर को पत्र लिखा था। वहां से अनुमति मिलने के बाद प्लाज्मा थेरेपी के लिए मशीन खरीदने के लिए अगस्त में टेंडर निकाल दिया गया। शासन की तरफ से भी बजट जारी कर दिया गया। कोविड मरीज का इलाज प्रभावित न हो, इसलिए एक निजी ब्लड बैंक से अनुबंध कर वहां प्लाज्मा डोनेट कराना शुरू कर दिया गया। अब मेडिकल कॉलेज में लगभग 24 लाख रुपये की प्लाज्मा एफेरेसिस मशीन आ गई है।
100 की प्लाज्मा थेरेपी, 77 हुए ठीक
मेडिकल कॉलेज में अब तक कोरोना के 100 मरीजों को प्लाज्मा चढ़ाया जा चुका है। इसमें से 77 रोगी कोरोना को मात देकर स्वस्थ भी हो चुके हैं। आंकड़ों से स्पष्ट है कि कोरोना की भले ही अभी तक वैक्सीन नहीं आई हो लेकिन प्लाज्मा थेरेपी 77 फीसदी तक कारगर साबित हुई है।
विज्ञापन

एंटीबॉडी की जांच भी होगी, 12 हजार तक खर्चा बचेगा
निजी ब्लड बैंक में प्लाज्मा दान कराने के लिए 12 हजार रुपये तक का खर्चा आता था। इसमें चार हजार रुपये तक एंटीबॉडी की जांच होती थी। इसके अलावा प्लाज्मा दान करने के लिए किट का खर्च भी सात-आठ हजार रुपये आता था। मगर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कोरोना रोगियों के लिए प्लाज्मा दान करने के लिए कोई भी खर्चा नहीं आएगा। किट का खर्चा प्रदेश सरकार उठाएगी।
मेडिकल कॉलेज में प्लाज्मा एफेरेसिस मशीन आ गई है। औषधि निरीक्षक ने निरीक्षण भी कर लिया है। लाइसेंस जारी होने के बाद कॉलेज में ही प्लाज्मा दान किया जा सकेगा। मेडिकल कॉलेज में भर्ती मरीजों के लिए प्लाज्मा डोनेट करना पूरी तरह नि:शुल्क होगा। - डॉ. मयंक सिंह, पैथोलॉजी विभागाध्यक्ष, मेडिकल कॉलेज।
मेडिकल कॉलेज में प्लाज्मा एफेरेसिस मशीन का संचालन शुरू करने के लिए मंगलवार को निरीक्षण किया। यहां पर सभी मानक पूरे मिले हैं। एक-दो दिन में मशीन संचालन के लिए लाइसेंस जारी किया जा सकता है। - उमेश भारती, औषधि निरीक्षक, औषधि प्रशासन विभाग।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें