झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग में पढ़ाई जा रही बुंदेली भाषा के पाठ्यक्रम का विस्तार शुरू हो गया है। जल्द ही यूजी-पीजी के नये पाठ्यक्रम को बीओएस (बोर्ड ऑफ स्टडीज) में स्वीकृति के लिए रखा जाएगा।
हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. मुन्ना तिवारी ने बताया कि स्नातक में बुंदेली महिमा और परास्नातक में समग्र बुंदेली भाषा पाठ्यक्रम पढ़ाया जाता है। दोनों ही पाठ्यक्रम में बुंदेली लोक गीत, बुंदेली लोक कथा, बुंदेली गाथा, बुंदेली नृत्य, बुंदेली नाट्य पढ़ाया जाता है।
परास्नातक में लोक सुभाषनी (लोकोक्तियां व मुहावरे) को अतिरिक्त रूप से जोड़ा गया है। उन्होंने बताया कि बुंदेली भाषा पाठ्यक्रम का विस्तार किया जा रहा है। इसमें बुंदेली उपन्यास, बुंदेली कहानी, बुंदेली निबंध, लघु गद्य विधाएं आदि शामिल की जा रही हैं। ब्यूरो