अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। पिछले वित्तीय वर्ष में दो व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का गृहकर जमा करने का चेक व्यापारी ने नगर निगम में जमा कर दिया था। स्टाफ उसे लगाना ही भूल गया। अब फिर से प्रतिष्ठानों को 11 हजार रुपये ब्याज के साथ बकाया गृहकर जमा करने का नोटिस जारी कर दिया गया है। मामले की शिकायत पर नगर आयुक्त ने जांच के निर्देश दिए हैं।
सिविल लाइन निवासी दीपक कुमार का कहना है कि सदर बाजार में उनके दो व्यावसायिक प्रतिष्ठान हैं। बीते फरवरी में नगर निगम की तरफ से उसे गृहकर जमा करने का नोटिस दिया गया था। उसे 46365 और 53600 रुपये गृहकर जमा करने के लिए कहा गया था। उसने अलग-अलग चेक लगा दिया था और नगर निगम की ओर से रसीद भी दी गई थी। हाल ही में नगर निगम ने फिर से दोनों प्रतिष्ठानों का गृहकर जमा करने नोटिस जारी कर दिया।
नोटिस मिलने के बाद बृहस्पतिवार को उसने नगर आयुक्त से शिकायत की। बताया कि उसका चेक नगर निगम के अकाउंट में लगाया ही नहीं गया है। उल्टा बकाया और ब्याज जोड़कर नोटिस भेज दिया गया। नगर आयुक्त सत्य प्रकाश का कहना है कि मामले की जांच का निर्देश मुख्य कर निर्धारण अधिकारी को दे दिया गया है। जांच रिपोर्ट में अगर कर्मचारी की गलती पाई जाती है तो उसे चार्जशीट दी जाएगी।
पहले कहा गया, चेक बाउंस हो गया
नोटिस मिलने के बाद दीपक जब जानकारी करने के लिए कर विभाग पहुंचा तो उससे कहा गया कि चेक बाउंस हो गया है। फिर जब बैंक पहुंचकर उसने स्टेटमेंट निकाला, तब पता चला कि कोई चेक बाउंस नहीं हुआ है।