अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव व पश्चिमी उत्तर प्रदेश के प्रभारी ज्योतिरादित्य सिंधिया का शताब्दी एक्सप्रेस से आगमन होने पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया। महासचिव बनने के बाद वह पहली बार आए थे। उन्होंने कहा कि देश शहीदों की कुर्बानी को याद करेगा। जवानों की शहादत बेकार नहीं जाएगी।
सर्किट हाउस में उन्होंने कार्यकर्ताओं से मुलाकात की और कहा कि लोकसभा चुनाव में पार्टी को जीत हासिल करने के लिए जरूरी है कि सभी कार्यकर्ता एकजुट होकर जुट जाएं। कुछ देर रुकने के बाद वह गुना रवाना हो गए। इससे पहले रेलवे स्टेशन पर शताब्दी एक्सप्रेस से पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। आल इंडिया कांग्रेस कमेटी के सदस्य पार्षद सुलेमान अहमद मंसूरी ने शॉल ओढ़ाया। विवेक वाजपेयी ने गदा भेंट की।
इस मौके पर पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य, पूर्व विधायक बृजेंद्र कुमार व्यास, जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी, नूर अहमद मंसूरी, शहर अध्यक्ष इम्तियाज हुसैन, सुनील अग्रवाल, हरीश लाला, अनिल झा, प्रदेश कांग्रेस कमेटी पिछड़ा वर्ग के महासचिव इदरीश खान, राजेंद्र शर्मा, भानु सहाय, डॉ. सुनील तिवारी मौजूद रहे।
सिंधिया के विरोध में नारेबाजी
कांग्रेस महासचिव ज्योतिरादित्य सिंधिया के झांसी आगमन पर इलाइट चौराहा पर उनके खिलाफ काफी देर तक नारेबाजी हुई। नारे लगाने वाले कार्यकर्ता प्रथम स्वतंत्रता समर में वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई व अंग्रेजों की लड़ाई में सिंधिया परिवार की भूमिका को लेकर विरोध कर रहे थे। कुछ देर नारेबाजी करने के बाद कार्यकर्ता शांत हो गए।
स्वागत किया
रेलवे स्टेशन पर ज्योतिरादित्य सिंधिया का कांग्रेस कार्यकर्ताओं सुरेश नगाइच, राहुल रिछारिया, अमीरचंद आर्य, मनीराम कुशवाहा, अखलाक मकरानी, नीता अग्रवाल, रामकुमार खरे, राकेश टंडन, अनिल रिछारिया, अनिल बट्टा, मुकुट सिंह, अशोक सक्सेना, अनिल कुशवाहा समेत अन्य कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया।
कई कार्यकर्ताओं को मिलने नहीं दिया
कांग्रेस के कई कार्यकर्ता ज्योतिरादित्य सिंधिया से मुलाकात करना चाह रहे थे, लेकिन उन्हें अंदर नहीं जाने दिया गया। वह थोड़ी देर रुकने के बाद वापस चले गए, इस कारण उन्होंने किसी से मिलने में असमर्थता जता दी थी। इससे कार्यकर्ताओं में निराशा रही।