झांसी। कोरोना काल में संक्रमण की रफ्तार पर काबू पाने के लिए कोराना कर्फ्यू लगाया गया था। कोरोना कर्फ्यू हटते ही लगभग सभी कारोबार चलने लगे हैं। लेकिन खेल की सभी गतिविधियां बंद होने के कारण स्पोर्ट्स दुकानदारों का बुरा हाल है। आलम यह है कि सुबह से लेकर शाम तक कई दुकानदारों की बिक्री तक नहीं हो रही है।
कोराना संक्रमण की दूसरी लहर केदस्तक देते ही कोरोना कर्फ्यू को लगा दिया था। जिसके चलते शहर के सभी दुकानों के साथ ही खेल के मैदान, खेल अकादमी व स्टेडियम को बंद कर दिया गया था। संक्रमण की रफ्तार कम होते ही कोरोना कर्फ्यू को हटा लिया गया है। लेकिन खेल की गतिविधियों पर पहले की तरह ही पाबंदियां बरकरार है। जिसके चलते खेल की सामग्री की बिक्री नही के बराबर ही हो रही है। जिसके चलते दुकानदारों का बुरा हाल हो गया है। दुकानदारों द्वारा सरकारी गाइडलाइन के तहत खेल की गतिविधियों को शुरू कराने की मांग की गई है।
दुकान का संचालन करते हुए सालों गुजर गए हैं। लेकिन ऐसा दौर पहली बार देखा है। दुकानों को तो खोल रहे हैं। लेकिन खरीदार नहीं आ रहे हैं। राजेंद्र गुप्ता
लॉकडाउन और कोरोना कर्फ्यू के दौरान बाजार बंद रहे। जिससे दुकान में रखा लाखों का नुकसान हो गया है। बाजार में दुकानदार नहीं आ रहे हैं। नीटू, चौधरी
दुकानदारी के अलावा सरकारी स्कूलों में भी सप्लाई करते है। लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण स्कूलों पर भी तालाबंदी है। जिससे काफी नुकसान हुआ है। विनय अग्रवाल
लगभग दो साल से दुकानदारी नही के बराबर ही हो रही है। दुकानों में रखा लोहे के सामानों के साथ ही रबड़ का सामान खराब हो गया है। अजिक्य अग्निहोत्री
संक्रमण की पहली लहर से ही स्कूलों के साथ ही स्टेडियम व खेल ही हर गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा हुआ है। स्पोर्ट्स के काफी सामान बेकार हो गया है। जावेद खान, खेल सामग्री विक्रेता